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Aug 20, 2017

शिक्षामित्र बोले, स्वीकार नहीं है मानदेय: उन्हें चाहिए पूरा वेतन

गोरखपुर : समायोजन की मांग को लेकर जिले भर के शिक्षामित्रों का सत्याग्रह शुक्रवार को भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर जारी रहा। इस दौरान शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी को सौंपा। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और अध्यादेश लाकर पुन: परिषदीय विद्यालयों में सहायक शिक्षक पद पर समायोजित करने की मांग की। शिक्षामित्रों का कहना है कि उन्हें मानदेय स्वीकार नहीं है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि प्रदेश के एक लाख 72 हजार शिक्षामित्रों के सामने रोजी-रोटी का संकट है। दर्जनों शिक्षामित्र अवसाद में चल रहे हैं। कुछ मौत को गले लगा रहे हैं। इसके बाद भी सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भक्तराज राम त्रिपाठी ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों की जायज मांगों को नहीं मानती है तो विद्यालयों में पठन-पाठन अवरुद्ध कर दिया जाएगा। प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षामित्रों के संघर्ष में साथ है। धरने के दौरान महिला शिक्षामित्रों ने पुलिस और बेसिक विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को गुलाब का फूल भेंट किए। इस दौरान श्रीधर मिश्र, तारकेश्वर शाही, मृत्युंजय पांडेय, ज्ञानेंद्र ओझा, सुधांशु मोहन सिंह आदि शिक्षक संघ के पदाधिकारी, मीरा मिश्रा, पूनम, प्रतिमा, नीतू, शीला यादव, पुष्पा, अनुपमा पांडेय, कुसुमलता पांडेय, सीमा, नीतिका पांडेय, वंदना, गीता, रीना, गदाधर दुबे, अविनाश शुक्ला, राम नगीना निषाद, हुकुमचंद चौहान, बेचन सिंह, मनोज यादव, लालधर निषाद और राम अशीष आदि शिक्षामित्र मौजूद थे।
उधर, शिक्षामित्रों के आंदोलन को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन, किसान यूनियन, आदर्श साक्षरताकर्मी प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन दिया है।

शिक्षामित्र बोले, स्वीकार नहीं है मानदेय: उन्हें चाहिए पूरा वेतन Rating: 4.5 Diposkan Oleh: amit gangwar

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