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नकल कराने का ठेका लेने वाले गिरोह का पर्दाफाश: दर्जनों डिवाइस, ब्लूटूथ, चिप, डिवाइस स्टीकर, ओएमआर शीट बरामद


इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट की ग्रुप सी और डी परीक्षा में नकल कराने का ठेका लेने वाले गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। कई दिनों की निगरानी के बाद शनिवार को सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन शातिरों ने इलाहाबाद, भदोही, मीरजापुर के दर्जनों लोगों से तीन से पांच लाख रुपये परीक्षा पास कराने के नाम पर लिए थे। आरोपी टीईटी परीक्षा में भी नकल का ठेका लेते हैं। 1यह परीक्षा 12 नवंबर रविवार को होनी है। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह चौहान के मुताबिक, सूचना मिली कि हाईकोर्ट की परीक्षा में नकल कराने वाला एक गिरोह शहर में डेरा डाले है। निगरानी में जुटे एसटीएफ इंस्पेक्टर अजय सिंह की टीम ने सटीक सूचना पर शनिवार सुबह कर्नलगंज पुलिस के साथ टीम ने मैरी लूकस स्कूल के पास घेराबंदी कर गिरोह के चार सदस्यों को दबोच लिया। गिरोह का सरगना मनीष मिश्र पुत्र दयाशंकर निवासी औंता, मेजा इलाहाबाद साथियों को डिवाइस, चिप, ब्लूटूथ आदि देने आया था। पूछताछ में परीक्षा में नकल कराने के हाईटेक इंतजाम का पर्दाफाश हुआ। इंस्पेक्टर अजय सिंह के मुताबिक, गिरोह ने पास कराने की गारंटी देते हुए तीन से सात लाख रुपये तक वसूले थे। इनके पास से दर्जनों लोगों की आइडी, एडमिट कार्ड आदि मिले हैं। जिन लोगों से रुपये हासिल हो चुके थे, सरगना शनिवार को उन्हें डिवाइस, चिप आदि देता ताकि रविवार की परीक्षा में उसे इस्तेमाल किया जा सके। पकड़े गए शातिरों में मनीष मिश्र पुत्र दयाशंकर मिश्र निवासी औंता, मेजा इलाहाबाद, सुनील कुमार उपाध्याय पुत्र श्याम नारायण उपाध्याय निवासी महुआपुर सुरियावां भदोही, कृष्ण कांत दुबे पुत्र अरविंद दुबे निवासी उमरहा, औराई भदोही और राजकुमार यादव पुत्र उमाशंकर यादव निवासी तिवारीपुर करछा मीरजापुर शामिल हैं।
इलाहाबाद, भदोही, मिर्जापुर के चार शातिर गिरफ्तार1’>>दर्जनों डिवाइस, ब्लूटूथ, चिप, डिवाइस स्टीकर, ओएमआर शीट बरामद

लाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट की ग्रुप सी और डी परीक्षा में नकल कराने का ठेका लेने वाले गिरोह में कई आइटी एक्सपर्ट शामिल हैं। परत दर परत खंगालती एसटीएफ को मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी (एमएनएनआइटी) दो छात्रों के बारे में पता चला है। एमटेक छात्र अमित मिश्र और वहां से पासआउट हुए आदर्श नायर ने डिवाइस तैयार कर सेटअप बैठाने में गिरोह की मदद की है। एसटीएफ इन दोनों छात्रों की तलाश कर रही है। अमित मिश्र प्रतापगढ़ का रहने वाला है जबकि आदर्श गोविन्दपुर तेलियरगंज में रहता है। दोनों छात्रों ने डिवाइस, ब्लूटूथ और चिप का सेटअप बैठाया है।1इसके अलावा एसटीएफ को गणोश मौर्या नामक एक छात्र की तलाश है। गणोश सरगना मनीष मिश्र से लगातार फोन पर बात करता रहा था। एसटीएफ इंस्पेक्टर अजय सिंह के मुताबिक, छात्र अमित मिश्र और गणोश को नामजद किया गया है। दोनों भागे हुए हैं। 1आदर्श की भूमिका की जांच कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फोन रिकार्ड के जरिए एसटीएफ को पता चला है कि उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार और दिल्ली के तमाम लोग इस गिरोह के संपर्क में थे। मनीष मिश्र दूसरे जिलों और राज्यों में नकल का ठेका किसी को देता था। पूरा काम कमीशन पर होता था। 1बरामद सामान : 54 इलेक्ट्रानिक्स गजट-डिवाइस, 45 ब्लूटूथ डिवाइस, 30 डिवाइस स्टीकर, मास्टर कार्ड, 11 मोबाइल, दस नए सिम कार्ड, 18 विभिन्न बैंकों के चेक, चार आधार कार्ड, 18 टीईटी परीक्षा के प्रवेश पत्र, सात लोगों की मार्कशीट, 19 अदद टीईटी की ओएमआर शीट, 22 अदद हाईकोर्ट परीक्षा के प्रवेश पत्र, दो बाइक और दो लाख 38 हजार रुपये।1ऐसे कराते हैं नकल : परीक्षा में जाने वाले शख्स के कपड़ों में तीन प्रकार की डिवाइस छिपाई जाती। कान में बहुत छोटी सी ब्लूटूथ डिवाइस होती, ऑन-आफ सिस्टम होता है। एएसपी प्रवीण सिंह चौहान के मुताबिक, केंद्र के बाहर कंट्रोल रूम स्थापित कर साल्वर तैयार रहता है। पेपर बंटने के बाद मोबाइल चिप से एक रिंग होती तो डिवाइस अपने आप ऑन हो जाती। फिर साल्वर प्रश्नों के उत्तर बताने लगता। परीक्षा देने वाला बिना बोले, उत्तर सुनता और टिक करता। शातिरों ने एक दो केंद्रों पर सुरक्षा गार्डो से भी सेटिंग कर रखी थी ताकि प्रश्नों का पता जल्द चल जाए।

नकल कराने का ठेका लेने वाले गिरोह का पर्दाफाश: दर्जनों डिवाइस, ब्लूटूथ, चिप, डिवाइस स्टीकर, ओएमआर शीट बरामद Rating: 4.5 Diposkan Oleh: amit gangwar

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