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शिक्षामित्रों का तो मानदेय बढ़ा, अनुदेशकों को भूले

बेसिक शिक्षा

’ अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि को केंद्र सरकार ने दे दी है मंजूरी

’ लेकिन फाइलों में फंसा प्रस्ताव जबकि शिक्षामित्रों को मिल गया

इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददाता

प्रदेश के उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत 30949 अंशकालिक अनुदेशकों की मानदेय वृद्धि फंस गई है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रलय ने मार्च 2017 से अनुदेशकों का मानदेय 8470 रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किए जाने को 13-14 अप्रैल की बैठक में ही मंजूरी दे दी थी लेकिन छह महीने बीतने के बावजूद राज्य सरकार ने वृद्धि का आदेश जारी नहीं किया है।मजेदार बात यह है कि इसी बैठक में शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये और विशेष शिक्षकों (इंटीनरेंट टीचर) का मानदेय 13200 रुपये से बढ़ाकर 14500 रुपये किए जाने को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी। विशेष शिक्षकों का मानदेय एक मार्च से ही बढ़ा दिया गया है और शिक्षामित्रों का एक अगस्त से बढ़ाकर 10000 रुपये कर दिया गया है।लेकिन अंशकालिक अनुदेशक अभी भी पुराने दर पर ही मानदेय पा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि की फाइल को वित्त विभाग से स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। इस मामले में अनुदेशक याचिका करने का मन बना रहे हैं। गौरतलब है कि अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति 2012-13 शैक्षिक सत्र से शुरू हुई थी।

यदि सरकार ने वादाखिलाफी की तो हम सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने के साथ-साथ हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। आने वाले सभी चुनावों में हम अनुदेशक वर्तमान सरकार को उसकी गलत नीतियों का सबक सिखाएंगे। -भोला नाथ पांडेय, प्रदेश महासचिव व जिलाध्यक्ष, उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन

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