वेबसाइट में खोजें

Friday, December 8, 2017

46000 शिक्षामित्रों की ट्रेनिंग को लेकर सोशल मीडिया पर फैलायी जा रही अफवाह: पढें संघ का स्पष्टीकरण

मित्रों जैसा की आप सब देख रहे हैं कि सोशल मीडिया पर इस समय 46000 शिक्षामित्रों की ट्रेनिंग को लेकर असमंजस्य की स्थिति बनी हुई है और तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। जिसके संबंध में आपको बता दें कि आर टी ई एक्ट 2009 में लागू हुआ परंतु उत्तर प्रदेश में यह आरटीई एक्ट 2010 में लागू हुआ और तभी से प्रभावी है। और शिक्षा मित्रों का चयन इससे पहले हो गया था।
रही बात प्रशिक्षण कराने की तो उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकारों ने 170,000 शिक्षा मित्रों में से बैच वाइस प्रशिक्षण की अनुमति एनसीटीई से मांगी थी। जिसमें दो चरणों के लिए लगभग 124000 शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित किए जाने की अनुमति एनसीटीई से मिली। जिसके बाद तृतीय बैच में प्रशिक्षण के लिए तत्कालीन सरकार ने 46000 शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित किए जाने की अनुमति के लिए एक पत्र एनसीटीई को भेजा परंतु उसका कोई जवाब आज तक नहीं आ पाया। और इधर सरकार ने प्रशिक्षण शुरु करा दिया। क्योंकि आरटीई एक्ट स्पष्ट रुप से कहता है कि इसके लागू होने के बाद कोई भी अप्रशिक्षित शिक्षक प्राथमिक विद्यालयों में नहीं पढ़ पाएगा। तो यहां यह बड़ा सवाल है कि आज हमारे सभी शिक्षामित्र साथी चाहे किसी भी बेच के रहे हो, प्रशिक्षित हैं। इसलिए इस तरह की अफवाह फैलाकर बांटने का काम न किया जाए तो ठीक रहेगा।
संगठन उन सभी 46,000 की श्रेणी में आने वाले शिक्षामित्र साथियों को भरोसा दिलाता है कि आपके भविष्य को अंधकारमय नहीं होने दिया जाएगा। और किसी भी हाल में आपका अहित नहीं होने दिया जाएगा। इसलिए आप समस्त साथी चाहे एक से लेकर 170000 जितने भी शिक्षामित्र साथी हों, प्रशिक्षण को लेकर आश्वस्त रहें। इस आधार पर आप का कोई अहित नहीं होगा।
जो हमारे साथी 46,000 की श्रेणी में अपने आप को गिनते हुए विचलित हैं, और कोर्ट में रिट आदि करने की कोशिश में लगे हैं, तो उनसे निवेदन है कि कोर्ट ना जाकर पहले आप लोग इलाहाबाद में हमारे अधिवक्ता श्री के०एस० कुशवाहा जी, जो सर्वप्रथम 2011 में ट्रेनिंग को माननीय हाईकोर्ट से वैध करार देते हुए स्टे दिला चुके थे, और माननीय हाईकोर्ट में ही बाद में प्रशिक्षण को वैध कराया, उनसे संपर्क जरुर कर लें, क्योंकि कोर्ट में इस समय जाने से नुकसान के अलावा और कुछ नहीं हाथ लग सकेगा। इसलिए एक बार हमारे अधिवक्ता *श्री के एस कुशवाहा जी* से जरूर संपर्क करें। *उनका मोबाइल नं० 09415217197 है।*

इसी के साथ.....

जय शिक्षक....
जय शिक्षा मित्र....

आपका,
जितेंद्र शाही,
विश्वनाथ सिंह कुशवाहा,

लेखक,
सय्यद जावेद मियाँ,
प्रांतीय प्रवक्ता,
आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश।

46000 शिक्षामित्रों की ट्रेनिंग को लेकर सोशल मीडिया पर फैलायी जा रही अफवाह: पढें संघ का स्पष्टीकरण Rating: 4.5 Diposkan Oleh: amit gangwar

0 comments:

Post a Comment

RELATED POSTS