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Friday, December 29, 2017

स्कूलों में नि:शुल्क स्वेटर के रेट को लेकर जारी रहा तयतोड़, कम्पनियों ने सरकार के आकलन से कहीं ज्यादा रेट कोट किये


लखनऊ : परिषदीय स्कूलों के 1.54 करोड़ बच्चों को सरकार की ओर से मुफ्त में मुहैया कराये जाने वाले स्वेटर की आपूर्ति के लिए गुरुवार को टेंडर तो खोले गए लेकिन निविदा में चयनित दो आपूर्तिकर्ताओं के साथ रेट को लेकर देर रात तक तय तोड़ चलता रहा। टेक्निकल बिड में जिन दो आपूर्तिकर्ताओं ने क्वालिफाई किया, उन्होंने सरकार के आकलन से कहीं ज्यादा रेट कोट किये थे।
परिषदीय स्कूलों के बच्चे को जाड़े से निजात दिलाने के लिए योगी सरकार ने उन्हें स्वेटर देने का एलान किया था। स्वेटर बांटने के लिए सरकार ने प्रत्येक बच्चे के लिए 200 रुपये की दर से धनराशि मंजूर की है। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्वेटर की आपूर्ति के लिए पहले जेम पोर्टल के जरिये टेंडर आमंत्रित किये थे लेकिन इससे बात नहीं बनी। लिहाजा विभाग ने ई-बिड के जरिये आपूर्तिकर्ताओं से टेंडर आमंत्रित किये थे। बीती 22 दिसंबर को जब टेक्निकल बिड खोली गई तो सिर्फ दो फर्म ने ही टेंडर डाले थे। सिर्फ दो टेंडर के कारण प्रतिस्पर्धात्मक दर न मिल पाने के कारण टेंडर कमेटी ने 27 दिसंबर की शाम तक नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किये। इसमें पांच सप्लायरों ने टेंडर डाले थे जिसमें से गुरुवार को टेक्निकल बिड में सिर्फ दो आपूर्तिकर्ताओं का ही चयन हुआ। सूत्रों के मुताबिक इनमें से सबसे कम रेट कोट करने वाले दो सप्लायर (एल1 और एल2) ने सरकार द्वारा आंकलित दर से कहीं ज्यादा रेट कोट किये थे। बेसिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में गठित टेंडर कमेटी इन दोनों सप्लायरों से सरकार द्वारा आंकलित दर पर आपूर्ति के लिए देर रात तक वार्ता करती रही। टेंडर कमेटी ने वर्क आर्डर जारी किये जाने से 30 दिन में स्वेटर की पूरी आपूर्ति करने की शर्त रखी है।

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