7.2.18

आयकर रिटर्न फाइलिंग में मामूली गलतियों पर नोटिस नहीं: सीबीडीटी

नई दिल्ली, प्रेट्र : किसी करदाता की ओर से भरे गए आयकर रिटर्न और विभाग द्वारा बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों से जुटाए गए आंकड़ों में मामूली अंतर के लिए नोटिस नहीं भेजा जाएगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
(सीबीडीटी) ने रविवार को यह जानकारी दी। नए वित्त विधेयक में छोटे और वेतनभोगी वर्ग के करदाताओं को राहत देने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है।
सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा, ‘इस तरह के मामलों में आंकड़ों में मामूली अंतर होने पर नोटिस जारी नहीं करने का निर्णय लिया गया है। हम करदाताओं पर भरोसा करते हैं और आयकर रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाने का प्रयास कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि कई बार छोटे-मोटे अंतर की वाजिब वजह होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रावधान में बदलाव किया जा रहा है। इस फैसले से सबसे ज्यादा वेतनभोगी और छोटे करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है। चंद्रा के अनुसार 1 अप्रैल 2018 से यह नया नियम लागू कर दिया जाएगा। वर्तमान में आयकर विभाग का बेंगलुरु स्थित सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर इस मामले में नोटिस जारी करता है। चंद्रा ने हालांकि स्पष्ट किया कि आंकड़ों में बड़ा अंतर पाए जाने पर या संदेह होने पर पहले की तरह ही नोटिस दिया जाता रहेगा।1सरकार ने मजबूत किया प्रत्यक्ष कर सुधार: सुशील चंद्रा ने कहा कि सकार ने प्रत्यक्ष कर सुधारों को मजबूत किया है। इससे बड़ी संख्या में करदाताओं को कर के दायरे में लाया गया है और करदाताओं की संख्या आठ करोड़ पर पहुंच गई है। उद्योग मंडल एसोचैम के एक कार्यक्रम में चंद्रा ने यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी आयकर अधिकारी किसी मामले को अपनी मनमर्जी से जांच केलिए नहीं चुन सकता। वैसे भी आयकर विभाग कुल मामलों में से केवल 0.5 फीसद को ही जांच के लिए चुनता है।1सीबीडीटी के प्रमुख ने कहा, ‘कर अधिकारी और करदाता के बीच सीधे संपर्क को आयकर विभाग समाप्त कर रहा है। कोई आयकर अधिकारी अपने विवेक के आधार पर आपका मामला जांच के लिए नहीं उठा सकता है। सीबीडीटी के चेयरमैन के रूप में मैं भी कोई मामला खुद जांच के लिए नहीं चुन सकता।

आयकर रिटर्न फाइलिंग में मामूली गलतियों पर नोटिस नहीं: सीबीडीटी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: AMIT GANGWAR

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