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Aug 2, 2018

अब ‘ईक्षा’ एप से परिषदीय स्कूलों का कक्षावलोकन, बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी


इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों के लिए जैसा काम वैसा एप विकसित किया है। पहले शिक्षकों की सुविधा के लिए ‘दीक्षा’ एप शुरू किया और अब स्कूलों के निरीक्षण को ‘ईक्षा’ एप लागू किया जा रहा है। इसका प्रयोग सह समन्वयक निरीक्षण के समय कर सकेंगे। शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

राज्य परियोजना कार्यालय 13 सितंबर, 2017 को ही पत्र भेजकर सह समन्वयकों के कार्य व दायित्व को तय कर चुका है। विद्यालयों का निरीक्षण, शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में सहयोग व कक्षावलोकन को अनिवार्य किया गया है। स्कूलों के निरीक्षण को सुगम बनाने और रीयल टाइम मॉनीटरिंग करने के लिए यूनीसेफ के सहयोग से मोबाइल एप ईक्षा विकसित किया जा चुका है। इसका प्रयोग सह समन्वयक करेंगे। निर्देश है कि सह समन्वयक को हर माह 20 स्कूलों का निरीक्षण व पढ़ाई में सहयोग देना है। उसी समय इस एप के माध्यम से विद्यालय और विषय का अनुश्रवण किया जाएगा। विकासखंड वार विद्यालय अनुश्रवण की कार्ययोजना इस तरह बनाई जाए कि सभी स्कूल हर तीन माह में पूरे जाएं। सह समन्वयक स्कूल निरीक्षण के पहले तैयारी करेगा मसलन पूर्व के निरीक्षण में मिले फीडबैक को भी संज्ञान में रखेगा।
कक्षा देखने के समय प्रासंगिक बिंदु को टिक करना, कमी और अच्छाई को शिक्षकों से साझा करना साथ ही शिक्षकों से मिलकर अगली योजना तैयार की जाएगी। सुझाव विजिटर रजिस्टर में लिखे जाएंगे और बीआरसी समन्वयक को भी उससे अवगत कराया जाएगा। शिक्षा निदेशक ने निर्देश दिया है कि स्कूल निरीक्षण में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण होगा, जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह सुनिश्चित करें कि हर सह समन्वयक 20 स्कूलों का भ्रमण व एप के माध्यम से कक्षाओं का अवलोकन कर रहा है। बीएसए इसकी पाक्षिक समीक्षा भी करेंगे।


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