🔎Search Me

22 September 2018

प्रशिक्षण से चूके स्कूली शिक्षकों को मिलेंगे दो और मौके, अप्रशिक्षित शिक्षकों को मार्च 2019 तक प्रशिक्षित करने का है लक्ष्य


नई दिल्ली : स्कूलों में पढ़ा रहे लाखों अप्रशिक्षित शिक्षकों को मार्च 2019 तक प्रशिक्षित करने में जुटी सरकार अब इसे लेकर किसी भी तरह की कोताही बरतने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि जो शिक्षक पहली परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे, उन्हें दो और मौके देने का फैसला लिया गया है। इसके तहत वह सितंबर यानी इस महीने के अंत में होने वाली परीक्षा या फिर फरवरी में आयोजित होने वाली अंतिम परीक्षा में शामिल होकर अपने प्रशिक्षण कोर्स को पूरा कर सकते हैं। यह पूरा प्रशिक्षण ऑनलाइन दिया जा रहा है। 1 शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के काम में जुटे मानव संसाधन विकास मंत्रलय से जुड़ी संस्था राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान (एनआइओएस) ने इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि अंतिम मौके के रूप में फरवरी में आयोजित होने वाली परीक्षा सभी राज्यों की राजधानी में होगी। इसे लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं प्रशिक्षण के लिए वीडियो के जरिए करीब डेढ़ हजार घंटे की अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। एनआइओएस ने यह फैसला तब लिया है, जब नामांकित किए गए अप्रशिक्षित शिक्षकों में से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने पहली परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया। इस प्रशिक्षण को लेकर सरकार वैसे भी खासी उत्साहित है, क्योंकि वह इससे यह संदेश भी देना चाहती है कि जो काम यूपीए सरकार पांच साल में पूरा नहीं कर पाई, उसे वह दो साल में पूरा करने जा रही है। अनिवार्य शिक्षा अधिकार के तहत स्कूलों में पढ़ाने वाले (निजी और सरकारी दोनों) प्रत्येक शिक्षक का प्रशिक्षित होना अनिवार्य है। यूपीए सरकार के कार्यकाल में 2010 में इसे लागू किया गया था। साथ ही लक्ष्य तय किया गया था कि अगले पांच सालों में सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित कर दिया जाएगा, जो नहीं हो पाया। एनआइओएस के आकलन के मुताबिक मौजूदा समय में देश भर में करीब 13 लाख शिक्षक अप्रशिक्षित हैं।



प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण नोट्स और वीडियो