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29 September 2018

मिड-डे मील: मध्याह्न् भोजन योजना से खुल गई बच्चों की हाजिरी की पोल, प्रदेश में प्राथमिक में 30 और उच्च प्राथमिक में 32 जिलों का प्रदर्शन बेहद चिंताजनक, ये जिले निशाने पर


बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में भले ही नामांकन बढ़ाने की मुहिम चल रही हो। लेकिन, तमाम जिलों के स्कूलों में छात्र-छात्रओं की उपस्थिति बेहद खराब है। भारत सरकार की मध्यान्ह भोजना योजना की रिपोर्ट ने स्कूलों में हाजिरी की पोल खोल दी है। जिसमें वर्ष 2017-18 में प्रदेश में प्राथमिक के 30 व उच्च प्राथमिक के 32 जिलों का प्रदर्शन बेहद खराब मिला है। बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने इन जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि इस प्रभावी कार्रवाई की जाए।

ये जिले निशाने पर : प्राथमिक स्कूल में श्रवस्ती जिले में सबसे कम 48 फीसदी उपस्थिति रही है। इसी तरह संभल, रायबरेली, इलाहाबाद, पीलीभीत, बाराबंकी, अलीगढ़, बदायूं, अमेठी, गोरखपुर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, आजमगढ़, भदोही, हाथरस आगरा, जौनपुर, मऊ, कुशीनगर, रामपुर, बहराइच, कानपुर नगर, सीतापुर, बांदा, गोंडा, जालौन, कासगंज, ललितपुर, मेरठ, सोनभद्र में भी उपस्थिति कम है। उच्च प्राथमिक में बुलंदशहर 33 फीसदी है। वहीं, मुजफ्फर नगर, फीरोजाबाद, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, हाथरस, रायबरेली, आजमगढ़, कानपुर नगर, पीलीभीत, श्रवस्ती, बाराबंकी, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, बरेली, शाहजहांपुर, संतकबीर नगर, कासगंज, कौशांबी, कुशीनगर, मेरठ, अमेठी, फरुखाबाद, गोरखपुर, मैनपुरी, मुरादाबाद, सोनभद्र, देवरिया, बहराइच व सहारनपुर शामिल हैं।


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