12 September 2018

आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की घोषणा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी अक्टूबर से आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय तीन हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े चार हजार रुपए प्रति माह करने की घोषणा की है। इसके अलावा, आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम (एक्जिलरी नर्स मिडवाइफ) को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाया जाएगा। उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत मुफ्त बीमा की सुरक्षा मिलेगी। इससे करीब 14 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।1मोदी ने मंगलवार को देशभर की आंगनबाड़ी और आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि इन सभी कार्यकर्ताओं के मानदेय में केंद्र सरकार अपना हिस्सा दोगुना करेगी। यह अगले महीने से प्रभावी हो जाएगा। लेकिन यह बढ़ोतरी उनके मानदेय में नवंबर से दिखेगी, जोकि उनके लिए दीपावली का तोहफा होगा। उन्होंने बताया कि 3000 रुपये प्राप्त करने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 4500 रुपये मिलेंगे। इसी तरह से कार्यकर्ताओं को 2200 रुपये के स्थान पर 3500 रुपये और 1500 रुपये के स्थान पर 2500 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कॉमन एप्लीकेशंस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त लाभ मिलेंगे। यह लाभ कामकाज के आधार पर 250 रुपये से लेकर 500 रुपये तक होंगे। यह केंद्र की ओर से दिए जाने वाले मानदेय हैं। राज्य सरकार उन्हें अलग से भत्ते देगी। मोदी ने बताया कि सभी आशा कार्यकर्ताओं और उनके सहायकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मुफ्त मिलेगा। इन सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बीमा कवर के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। कोई अनहोनी होने पर उन्हें चार लाख रुपये तक का कवर मिलेगा।
आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘अपने लाखों हाथ’ बताते हुए मोदी ने कहा कि सरकार का ध्यान पोषण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने पर है। टीकाकरण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है जिससे महिलाओं और बच्चों को खासी मदद मिलेगी।
पीएम मोदी की बड़ी बातें
साल 2014 के बाद से ‘मिशन इंद्रधनुष’ से पिछड़े इलाकों के नन्हे-मुन्नों तक पहुंचे। 85 लाख गर्भवती महिलाओं का भी टीकाकरण।
सुरक्षा घेरे के तीन पहलू हैं-पोषण, टीकाकरण, स्वच्छता। देश में सितंबर में पोषण माह मनाया जा रहा है।
अब आशा कार्यकर्ता को 15 महीने तक 11 बार शिशु का हालचाल जानना जरूरी।
नई दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम (ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफ) को संबोधित किया


प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण नोट्स और वीडियो