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28 September 2018

प्राइमरी की किताबों में अब गोस्वामी तुलसीदास के जन्म स्थल पर विवाद

एनबीटी, रामनगरः अपनी पाठ्य पुस्तकों की इबारत को लेकर एक बार फिर बेसिक शिक्षा विभाग की कारगुजारी सामने आई है। अब भगवान राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने वाले गोस्वामी तुलसीदास का जन्मस्थान भी दो कक्षाओं की हिंन्दी किताबों में अलग-अलग होना बताया जा रहा है। प्राइमरी के कक्षा पांच की किताब कलरव में तुलसीदास का जन्म स्थान बांदा का राजापुर गांव तो कक्षा सात की पुस्तक मंजरी में जनपद कासगंज का सोरों नामक स्थान अंकित किया गया है। इससे पहले बेसिक शिक्षा विभाग की पाठ्य पुस्तकों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की गलत जन्मतिथि को लेकर विवाद उठ चुका है।
हिंदी की कक्षा पांच की पाठ्य पुस्तक कलरव के पेज नंबर 80 पर पाठ 14 भक्ति-नीति माधुरी में तुलसीदास का जन्म सन् 1532 में बांदा जिले के राजापुर गांव में होना दर्शाया गया है। जबकि निधन 1632 में दिखाया गया है। कक्षा सात की हिंदी मंजरी किताब के पेज नम्बर 39 में गोस्वामी तुलसी दास का जन्म सन् 1511 निधन सन् 1623 जन्मस्थान सोरों कासगंज (एटा) पढ़ाया जा रहा है। मंजरी पुस्तक का प्रकाशन काजमी ऐंड असोसिएट्स इलाहाबाद है। जबकि कलरव सिंघल ऐजेन्सीज लखनऊ से प्रकाशित है। इन किताबों को सरकारी स्कूलों के छात्रों को नि:शुल्क वितरण किया गया है।

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