Sep 22, 2018

शिक्षकों के प्रमोशन में टीईटी (TET) की अनिवार्यता पर मा0 हाईकोर्ट द्वारा दिये गए अब तक सभी मुख्य फैसले व निर्देश एवं बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा की गई कार्यवाही/ आदेश देखें

आज का जलवन्त मुद्दा


🔊 प्रमोशन में टीईटी को अनिवार्य करने के उद्देश्य से दीपक शर्मा एवं अन्य द्वारा योजित रिट संख्या 11287/2018 पर पहली बार मा0 न्यायालय द्वारा दिनाँक 15 मई 2018 को पदोन्नति में NCTE नियमावली का अनुपालन किये जाने सम्बन्धी आदेश पारित करते हुए पदोन्नति में भी टीईटी अनिवार्य माना।




🔊 जिस NCTE नियमावली की मा0 न्यायालय द्वारा चर्चा की गई वो 12 नवंबर 2014 को जारी की गई।
👉 NCTE नियमावली एवं नियम 4B देखने हेतु यहां क्लिक करें


🔊 दीपक शर्मा एवं अन्य के मामले में मा0 उच्च न्यायालय के निर्णय दिनाँक 15/05/2018 के अनुपालन में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा दिनाँक 17/05/2018 को प्रदेश में गतिमान पदोन्नति कार्यवाही को अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दिया गया।
👉 पदोन्नति कार्यवाही स्थगित करने सम्बन्धी सचिव बेसिक शिक्षा परिषद का आदेश दिनाँक 17/05/2018 देखने हेतु यहां क्लिक करें



🔊 बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा पदोन्नति कार्यवाही स्थगित किये जाने के लगभग 2 माह पश्चात बिना टीईटी के पदोन्नति किये जाने हेतु सूबेदार यादव एवं अन्य द्वारा एक याचिका 16523/2018 फ़ाइल की गई। इस याचिका की सुनवाई करते हुए मा0 न्यायालय द्वारा दीपक शर्मा व अन्य के मामले में दिया गया दिनाँक 15/05/2018 का आदेश सही माना गया और प्रमोशन में टीईटी को अनिवार्य मानते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया।
(📌नोट:- इस याचिका के आदेश को ही सोशल मीडिया में "बिना टेट पास किये होगा प्रमोशन" लिखकर प्रचारित किया जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है।)
👉 सूबेदार यादव एवं अन्य की बिना टेट के पदोन्नति किये जाने सम्बन्धी याचिका को खारिज किये जाने सम्बन्धी मा0 उच्च न्यायालय का आदेश दिनाँक 01/08/2018 देखने हेतु यहां क्लिक करें


🔊 जब सूबेदार यादव एवं अन्य की याचिका 16523/2018 मा0 न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गयी तब उनके द्वारा डबल बैंच में स्पेशल अपील 737/2018 फ़ाइल की गई। इस अपील पर सुनवाई करते हुए डबल बैंच द्वारा भी अपने आदेश दिनाँक 04/09/2018 द्वारा प्रमोशन में टीईटी की अनिवार्यता पर मुहर लगाई गई एवं स्पेशल अपील को खारिज कर दिया गया।
👉स्पेशल अपील को खारिज करने एवं गुणवत्ता हेतु पदोन्नति में टेट की अनिवार्यता को आवश्यक बताये जाने सम्बन्धी डबल बैंच का आदेश दिनाँक 04/09/2018 देखने हेतु यहां क्लिक करें



शिक्षकों द्वारा लगातार बहुत सारी क्वेरी या पूछताछ  की जा रही है कि आखिर इस मामले की वस्तुस्थिति क्या है? 


🔊  उपरोक्त सभी आदेशों व कोर्ट के निर्णयों के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता:-

✔️प्रमोशन में टीईटी मामले में अब तक जाये न्यायायिक तरीके से सोचा जाए तो वर्तमान में डबल बैंच का पदोन्नति में टेट की अनिवार्यता सम्बन्धी निर्णय ही अंतिम रुप से आज प्रभावी है। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा अग्रिम आदेश तक गतिमान पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक भी लगा रखी है। सरकार /परिषद द्वारा प्रमोशन में टीईटी अनिवार्यता पर अभी कोई संशोधित नियमावली या निर्देश जारी नहीं किये गए हैं। 
अतः भविष्य की प्रमोशन में टीईटी अनिवार्य होगा या नहीं इस पर अंतिम निर्णय अभी भविष्य की गर्त में ही छिपा हुआ है।
वर्तमान में मा0 न्यायालय द्वारा दिये गए निर्णयों  को देखकर यही लगता है कि सभी शिक्षकों को टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण कर भविष्य की चुनौती के लिए तैयार रहने की सलाह  दी जाती है। आगे इस मामले में राहत सरकार, बेसिक शिक्षा विभाग, बेसिक शिक्षा परिषद के पक्ष रखने और वर्तमान में इस दायरे में आ रहे शिक्षकों की प्रभावी पैरवी के साथ साथ शिक्षक संगठनों की सक्रियता पर निर्भर करेगा।  सभी शिक्षकों के लिए  यही अच्छा होगा कि वर्तमान में गतिमान  UPTET/CTET प्रक्रिया में आवेदन  अवश्य करें और किसी भी विपरीत परिस्थिति के लिए अपनेआप को मजबूती से को तैयार रखें।

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