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Oct 4, 2018

परिषदीय शिक्षकों के गले पड़ा बच्चों का जूता-मोजा वितरण, स्कूलों में बच्चों के जूता वितरण में गड़बड़ी की आशंका, हरदोई जिले से सैम्पल फेल होने के बाद घटिया जूते सप्लाई की होगी जांच

परिषदीय शिक्षकों के गले पड़ा बच्चों का जूता-मोजा वितरण, स्कूलों में बच्चों के जूता वितरण में गड़बड़ी की आशंका, हरदोई जिले से सैम्पल फेल होने के बाद घटिया जूते सप्लाई की होगी जांच

शाहाबाद व पिहानी से जूते वापस किये जाने के मामले में बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेद्र बहादुर विक्रम सिंह ने कहा कि शिकायती पत्र मिलते ही मामले की जांच की जाएगी। वहीं गड़बड़ी की पुष्टि होने पर फर्म पर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, हरदोई में शाहबाद एसडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन के सत्यापन में सैंपल व आपूर्ति किए गए जूतों में अंतर मिला। इसमें जूतों की लंबाई, ऊंचाई, सोल, बनावट व मैटीरियल तय मानक के अनुसार नहीं मिला। ऐसे में वितरण पर रोक लगाकर बीएसए के माध्यम से शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर सूचना दी है।


लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में नामांकित बच्चों के लिए आए जूते और मोजे गुरु जी के लिए बवाल-ए-जान बन गए हैं। मिली सप्लाई में बच्चों के पैरों की साइज का जूता नहीं मिल रहा है तो कहीं सैंपल से जूता मैच नहीं कर रहा। वहीं, हरदोई के शाहाबाद एसडीएम ने दो ब्लॉकों के लिए आए 60 हजार जूते सत्यापन में सैंपल अनुरूप न पाये जाने पर वापस कर दिये हैं। शिक्षा निदेशालय अब जांच की बात कर रहा है। नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर स्कूलों में बच्चों को दो जोड़ी के बजाए एक ही जोड़ी मोजा थमा दिया गया।


जिस फर्म ने हरदोई में जूते सप्लाई किये उसी फर्म ने लखनऊ व लखीमपुर में भी सप्लाई की है। राजधानी में भी फर्म ने कहीं बड़े तो कहीं छोटे जूते भेज दिए। मोजा वितरण में भी खेल किया गया। बच्चों को दो के बजाए एक जोड़ी मोजा ही दिया गया। बीएसए डॉ. अमरकांत ने जल्द जूतों का वापस करने का दावा किया है।


■ 111 बच्चे, 25 बच्चों को मिले जूते : चांदन जूनियर स्कूल में 111 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां जुलाई में सिर्फ 60 जोड़ी जूते दिए गए। अधिकतर जूते छोटे साइज के निकले। ऐसे में सिर्फ 25 बच्चे को ही जूते फिट बैठे। शेष स्टोर में डंप कर दिए गए। वहीं दो जोड़ी के बजाए सिर्फ एक जोड़ी मोजे बच्चों को दिया गया। ऐसे ही प्राइमरी में पंजीकृत कक्षा चार व पांच के कई बच्चों को जूते-मोजे दोनों नहीं मिल सके। 


■ एक जोड़ी मोजे, छोटे मिले जूत : जरहरा प्राइमरी स्कूल में 90 बच्चे पंजीकृत हैं। तीन नंबर व दो नंबर जूते न मिलने से कक्षा चार, पांच व तीन के कई छात्र नंगे पैर घर से पढ़ने आने को मजबूर हैं। यहां भी मोजा एक ही जोड़ी वितरण किया गया। 


■ साथी जूता पहने, खुद नंगे पैर : सुगामऊ प्राइमरी स्कूल में 160 छात्र पंजीकृत हैं। 150 बच्चों के लिए जुलाई में जूते बांटे गए। 25 बच्चों को जूते नहीं मिले। वहीं एक ही जोड़ी मोजा दिया गया। 


■ 77 बच्चे, मोजा एक को भी नहीं : अमरई गांव प्राइमरी स्कूल में 77 के करीब बच्चे पंजीकृत हैं। कक्षा चार व पांच के आधा दर्जन से अधिक बच्चों को जूते नहीं मिल सके। वहीं ड्यूटी पर तैनात शिक्षामित्र ने एक भी बच्चे को मोजा न मिलने की बात कही। स्कूल के शिक्षक अवकाश पर मिले। 


■ हरदोई से वापस 60 हजार जूते : हरदोई में शाहबाद की एसडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन के सत्यापन में सैंपल व बांटे गए जूतों में गड़बड़ी मिली। इसमें जूतों की लंबाई, ऊंचाई, सोल, बनावट व मैटीरियल तय मानक के अनुसार नहीं मिला। ऐसे में वितरण पर रोक लगाकर शाहाबाद व पिहानी के करीब 60 हजार जूते वापस कर दिए गए। इसी फर्म ने लखनऊ में भी आपूर्ति की है।चांदन माध्यमिक स्कूल में बच्चों को नहीं मिले जूतेबख्शी का तालाब : बरगदी मगठ प्राइमरी स्कूल में 120 बच्चे पंजीकृत हैं। फर्म ने जूते के साइज सही नहीं भेजे। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 18 से 20 बच्चों को जूते नहीं मिले। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मामपुर बाना में भी गड़बड़ साइज के जूते भेज दिए गए। 


काकोरी : दसदोई प्राथमिक विद्यालय में101 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां बच्चों को गलत साइज के जूते पकड़ा दिए गए। ऐसा ही हाल गुरदीन खेड़ा, दुर्गागंज प्राथमिक विद्यालय में करीब 30 बच्चों को जूते नहीं मिल सके हैं। टिकैत गंज प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से तीन तक के सभी बच्चो के जूते के साइज गड़बड़ हैं। 

बंथरा : प्राथमिक विद्यालय बंथरा में जूते तो आए, मगर वह कई बच्चों के फिट नहीं बैठे। ऐसे में कई बच्चों को जूते और मोजे नहीं मिले हैं। बंथरा द्वितीय में बच्चों को जूते-मोजे नहीं मिल सके। 

मलिहाबाद : प्राथमिक विद्यालय भतोइया, रसूलाबाद प्राथमिक विद्यालय , प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर अल्लुपुर में भी सभी बच्चों के पास जूते नहीं हैं। यहां भी गड़बड़ साइज भेजी गईं।प्राथमिक विद्यालय मक्का खेड़ा जोन-1 नगर क्षेत्र सरोजनीनगर में रखीं चप्पलेंजहां पर गलत साइज के जूते पहुंच गए हैं, वहां से मंगवाकर फर्म को वापस किए जाएंगे। इसकी सूची तैयार की जा रही है। वहीं मोजा का वितरण शत-प्रतिशत हो गया है। एक बच्चे को दो जोड़ी मोजा देने का प्रावधान है। एक ही जोड़ी क्यों दिया गया है, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी से जवाब-तलब करूंगा।डॉ. अमरकांत, बीएसए


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