🔎Search Me

14 October 2018

UPTET (टीईटी 2018): डिग्री कॉलेज, अन्य बोर्ड के स्कूल भी बनेंगे परीक्षा केंद्र, UPTET में आवेदकों की रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए शासन ने लिया फैसला


इलाहाबाद : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार आवेदकों की रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए प्रदेश के डिग्री कॉलेजों व अन्य बोर्ड के मान्यता प्राप्त माध्यमिक कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाने के निर्देश जारी हुए हैं। केंद्र निर्धारण हर हाल में 17 अक्टूबर तक पूरा करके 22 अक्टूबर तक केंद्रवार आवंटित अभ्यर्थियों की सूची कार्यालय को भेजने को कहा गया है।

यूपी टीईटी के लिए इस बार प्रदेश के 18 लाख 27 हजार 851 अभ्यर्थियों ने दावेदारी की है। परीक्षा 18 नवंबर को प्रस्तावित है। काफी अधिक संख्या को देखते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने केंद्र निर्धारण के लिए कालेज चयन का मानक बदल दिया है। पहले सिर्फ राजकीय व अशासकीय माध्यमिक कालेजों को ही केंद्र बनाने के निर्देश हुए थे लेकिन, अब इसमें जिले के डिग्री कालेजों, अन्य बोर्ड यानी सीबीएसई आदि के मान्यता प्राप्त विद्यालयों को भी केंद्र बनाया जा सकता है। निर्देश है कि अपरिहार्य स्थिति में ही वित्तविहीन कालेजों को केंद्र बनाया जाए। साथ ही केंद्र शहरी क्षेत्र में ही बनाए जाएं। सचिव ने शनिवार को सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक व मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को जिलावार अभ्यर्थियों की सूची भेज दी है। उनका कहना है कि जिला चयन समिति से 17 अक्टूबर तक केंद्र तय कराकर रिपोर्ट 22 तक भेजने को कहा गया है, ताकि 23 अक्टूबर को प्रवेश पत्र जारी करने के लिए केंद्रवार अभ्यर्थियों की सूची एनआइसी को भेजी जा सके। टीईटी के लिए सबसे अधिक दावेदार इलाहाबाद में 96963 हैं। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर नगर, मेरठ, आगरा व वाराणसी जिलों में अभ्यर्थियों की संख्या 50 हजार से अधिक है। वहीं, सबसे कम अभ्यर्थी श्रवस्ती जिले में हैं।


प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण नोट्स और वीडियो