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15 November 2018

बिना काउन्सलिंग नियमित होंगे मानदेय वाले शिक्षक, उच्च शिक्षा का मामला


बिना काउन्सलिंग नियमित होंगे मानदेय वाले शिक्षक, उच्च शिक्षा का मामला
यागराज : प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत 700 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियमित करने और नियुक्ति पत्र देने की तैयारी उच्च शिक्षा निदेशालय उप्र तेजी से कर रहा है, जबकि इनकी काउंसिलिंग नहीं कराई गई है। प्रबंधन कोटे से नियुक्ति पाए इन शिक्षकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया में शासन की भी स्वीकृति है। वहीं, प्रतियोगी परीक्षा से चयनित अभ्यर्थियों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि निदेशालय शिक्षकों के एक जैसे ही पद पर नियमित नियुक्ति के लिए दो नियम अपना रहा है। कानपुर, इटावा, गोरखपुर, देवरिया समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति मैनेजमेंट कोटे से 2005 के आसपास हुई थी। निदेशालय ने इन सभी से पिछले दिनों शैक्षिक अभिलेख लिए हैं और नवंबर में ही इन्हें नियमित शिक्षक के रूप में नियुक्ति पत्र देने की तैयारी भी चल रही है। पिछले दिनों प्रयागराज आए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने भी उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों को नियमित कर नियुक्ति पत्र दिए जाने की घोषणा की थी। इस मामले में विज्ञापन संख्या 37 और विज्ञापन संख्या 46 के तहत चयनित अभ्यर्थी एक बड़ा सवाल उठा रहे हैं कि जब उनकी काउंसिलिंग ऑनलाइन माध्यम के बहाने से रुकी है तो मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों का नियमितीकरण काउंसिलिंग की किस प्रक्रिया से किया जा रहा है।


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