🔎Search Me

14 December 2018

बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में स्थानांतरण व समायोजन प्रक्रिया ठप, दूसरे साल भी छात्र-शिक्षकों का असंतुलन बरकरार: अप्रैल व सितम्बर दोनों कटघरे में


बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में स्थानांतरण व समायोजन प्रक्रिया ठप, दूसरे साल भी छात्र-शिक्षकों का असंतुलन बरकरार: अप्रैल व सितम्बर दोनों कटघरे में
प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों की स्थानांतरण व समायोजन नीति पर शिक्षकों की नाराजगी भारी पड़ी है। लगातार दूसरे वर्ष शासन जिले के अंदर छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों का समायोजन चाहकर भी नहीं कर पा रहा है। प्रदेश के हजारों प्राथमिक स्कूलों में वर्षो से जमे शिक्षक आगे भी बने रहेंगे, वहीं जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां इस सत्र में अध्यापक मिलने के आसार खत्म हो गए हैं।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की तबादलों की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। हाईकोर्ट ने इस बार सितंबर में ही जिले के अंदर स्थानांतरण व समायोजन प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी, उस शासनादेश को ही अब रद कर दिया गया है। इससे जिन स्कूलों में छिटपुट फेरबदल हुआ था, वह भी पूर्व की स्थिति में पहुंच गया है। इससे हजारों स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात का बिगड़ा असंतुलन इस सत्र में भी बना रहेगा। इसका असर स्कूलों के पठन-पाठन पर पड़ रहा है। अब तमाम स्कूल फिर एकल शिक्षक या फिर शिक्षक विहीन हो जाएंगे, क्योंकि समायोजन आदेश के मूल में यही रहा है कि जो स्कूल शिक्षकों के बिना बंद हैं या फिर एकल हैं, वहां पहले शिक्षक भेजे जाएं। यह कमी उन विद्यालयों से पूरी होनी थी, जहां छात्र संख्या के हिसाब से शिक्षक अधिक हैं।

अंतर जिला तबादलों की दूसरी सूची पर मौन : परिषदीय शिक्षकों का अंतर जिला तबादला आदेश 13 जून को जारी हुआ। इसमें सिर्फ 11963 शिक्षकों को मनचाहे स्कूलों में जाने का मौका मिला, जबकि आवेदकों की संख्या 37396 रही है। वहीं, 40766 पद उपलब्ध थे। इसमें गंभीर रूप से रोगी, दिव्यांग शिक्षकों तक की अनदेखी हुई। साथ ही कई ऐसे जिले थे, जहां रिक्त पदों से अधिक शिक्षकों का तबादला किया गया।

प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण नोट्स और वीडियो