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13 December 2018

TGT-PGT शिक्षक भर्ती: चयन बोर्ड में लंबित साढ़े 16 हजार पदों पर भर्तियाँ


TGT-PGT शिक्षक भर्ती: चयन बोर्ड में लंबित साढ़े 16 हजार पदों पर भर्तियाँ

प्रदेश में तमाम प्रयासों के बाद भी भर्तियां रफ्तार नहीं पकड़ पा रही हैं। चार हजार से अधिक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक कालेजों में करीब साढ़े सोलह हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। उनकी लिखित परीक्षा, साक्षात्कार व नए पदों का विज्ञापन जारी करने तक में टालमटोल हो रहा है। जिन पदों का महीनों पहले इंटरव्यू हो चुका है, उसका परिणाम तक जारी नहीं हो सका है।
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र अशासकीय कालेजों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता व स्नातक शिक्षकों का चयन करता है। योगी सरकार आने के बाद करीब एक वर्ष तक चयन बोर्ड में प्रक्रिया लगभग ठप रही। अप्रैल 2018 में यहां नए अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के साथ पुनर्गठन हुआ। नौ माह बाद भी भर्तियां जहां की तहां हैं, नई भर्ती के लिए आवेदन तक नहीं लिए गए। सात वर्ष पुरानी भर्ती के कुछ विषयों का इंटरव्यू जरूर हुआ है लेकिन, उसका परिणाम अटका है। पद रिक्त होने से कालेजों में पठन-पाठन प्रभावित है।
पुनर्गठन के समय 16521 पद थे रिक्त : चयन बोर्ड ने जब कार्य शुरू हुआ, उस समय अशासकीय कालेजों में प्रधानाचार्य के 2459, प्रवक्ता 2100 और स्नातक शिक्षक के 11962 पद रिक्त थे। इसमें से 12720 पद ही विज्ञापित हुए थे। उनमें से 3801 रिक्त पदों का विज्ञापन अब तक नहीं हो सका है। यही नहीं इधर नौ माह में तीनों पदों के लिए जिलों से और अधियाचन भी आ गए हैं।
2016 के 9294 पदों की लिखित परीक्षा 2019 में : चयन बोर्ड 2016 प्रवक्ता 1344 व स्नातक शिक्षक 7950 पदों की लिखित परीक्षा फरवरी व मार्च 2019 में कराने जा रहा है। इसके पहले सितंबर में तारीखें घोषित की गईं, जुलाई में स्थगित कर दिया गया।
1554 प्रधानाचार्य के पद चयन रुका : अशासकीय कालेजों में प्रधानाचार्य पद 2011 के लिए 955 व 2013 में 599 पदों के लिए आवेदन लिए गए। उनमें से 2011 पदों के सापेक्ष कानपुर मंडल को छोड़ अन्य का साक्षात्कार पहले ही पूरा हो चुका है। उस पर हाईकोर्ट की रोक लगा रखी थी, अब वह हट गई है। जल्द रिजल्ट आने की उम्मीद है। वहीं, 2013 के पदों के लिए अब तक इंटरव्यू शुरू नहीं हो सका है।

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