02 May 2019

69000 शिक्षक भर्ती में शिक्षक पद पर योग्य अभ्यर्थियों के चयन की मुहिम शुरू, बीटीसी व बीएड अभ्यर्थियों ने सिंगल बेंच के आदेश को डबल बेंच में दी चुनौती, सुनवाई आज से शुरू


प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों की 69 हजार शिक्षक भर्ती में चयनित होने के लिए शिक्षामित्र व बीटीसी-बीएड अभ्यर्थियों के बीच मानों जंग छिड़ी है। भर्ती के कटऑफ अंक को शिक्षामित्रों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी और शासनादेश को खारिज करा दिया। अब बीटीसी व बीएड अभ्यर्थियों ने सिंगल बेंच के आदेश को डबल बेंच में चुनौती दी है। लखनऊ खंडपीठ में गुरुवार से इस मामले की सुनवाई शुरू हो रही है।
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती इन दिनों कटऑफ अंक को लेकर विवाद में है। शासन ने लिखित परीक्षा के बाद सात जनवरी को भर्ती का कटऑफ अंक जारी किया था। जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 65 व आरक्षित वर्ग के लिए 60 प्रतिशत अंक लिखित परीक्षा में पाना अनिवार्य किया गया था। मोहम्मद रिजवान ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। न्यायमूर्ति राजेश चौहान की बेंच ने 29 मार्च को शासनादेश खारिज करते हुए पिछली शिक्षक भर्ती का कटऑफ अंक सामान्य व ओबीसी के लिए 45 व एससी-एसटी के लिए 40 प्रतिशत को वैध ठहराया था। कोर्ट ने सरकार को तीन माह में भर्ती पूरा करने का निर्देश दिया। सिंगल बेंच के आदेश को अब बीटीसी अभ्यर्थी राघवेंद्र सिंह, सर्वेश सिंह व बीएड अभ्यर्थी विनय सिंह व अखिलेश शुक्ल ने डबल बेंच में चुनौती दी है। जस्टिस पंकज कुमार जायसवाल व जस्टिस रजनीश कुमार की डबल बेंच गुरुवार से इस मामले की सुनवाई करेगी।

बेसिक महकमा याचिका दायर करने की तैयारी में : हाईकोर्ट के सिंगल बेंच से शासनादेश रद होने पर बेसिक शिक्षा महकमा भी उसे चुनौती देने की तैयारी में जुटा था। जब तक वह याचिका दायर करता उसके पहले ही अभ्यर्थी कोर्ट पहुंच गए।

कटऑफ अंक पर नियुक्ति निर्भर
बीटीसी व बीएड अभ्यर्थियों ने इस शिक्षक भर्ती में योग्य के चयन का मुद्दा उठाया है, उनका कहना है कि पदों पर योग्य चयनित हों इसके लिए जरूरी है कि शासनादेश का कटऑफ अंक लागू हो, अन्यथा लिखित परीक्षा में 60 अंक पाने वाला चयनित होगा और 120 अंक पाने वाला अभ्यर्थी बाहर हो जाएगा।

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