15 September 2020

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर किया जारी


केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर किया जारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 9वीं से 12वीं क्लास के लिए वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर किया जारी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Education Minister Dr Ramesh Pokhriyal Nishank)ने सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं के लिए 8 सप्ताह का वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Education Minister Dr Ramesh Pokhriyal Nishank) ने सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं के लिए 8 सप्ताह का वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है। NCERT द्वारा बनाया गया यह कैलेंडर कक्षा 9 से 12वीं तक के लिए लागू होगा। इस कैलेंडर का उद्देश्य छात्रों को घर से पढ़ाई के दौरान तकनीक और सोशल मीडिया टूल का उपयोग करानाहै, जिससे उनकी पढ़ाई के दौरान कोई समस्याओं का न सामना करना पड़े।



वहीं बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर लॉन्च करने की जानकारी अपने ट्विवटर हैंडल से दी। उन्होंने इस संबंध में ट्वीट करते हुए लिखा, सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं के लिए अगले 8 सप्ताह के लिए वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर (AAC) को आज लॉन्च किया गया। वहीं प्राइमरी और अपर प्राइमरी कक्षाओं के लिए 12 सप्ताह का वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके अलावा सेकेंड्री और हॉयर सेकेंड्री के लिए भी पहले ही कैलेंडर जार किया जा चुका है।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, कैलेंडर का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों, स्कूल प्रिंसिपलों और अभिभावकों को ऑनलाइन शिक्षण-शिक्षण संसाधनों के माध्यम से Covid19 से पॉजिटिव तरीके से निपटना है और पढ़ाई में बेहतर परिणाम मिल सकें। इस उद्देश्य से यह कैलेंडर रिलीज किया गया है।
वहीं अगर स्कूल खुलने की बात करें तो सरकार ने हाल ही में अनलॉक 4 की घोषणा की थी। लेकिन इसमें अभी तक स्कूल खोलने की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं। लेकिन अब यह भी अभिभावकों की लिखित अनुमति निर्भर करता है। इसका मतलब यह है कि जो भी छात्र-छात्राएं अगर 21 सितंबर से स्कूल जाना चाहते हैं तो इसके लिए वह जा सकते हैं लेकिन इसके लिए उनको पैरेंट्स की लिखित अनुमति लेनी पड़ेगी।