10 September 2020

आयोग की भर्ती परीक्षाओं में धांधली की जांच कर रही सीबीआई ने अपर निजी सचिवों पर कसा शिकंजा

 प्रयागराज : करीब तीन साल से उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में धांधली की जांच कर रही सीबीआइ ने कार्रवाई तेज कर दी है। सीबीआइ के निशाने पर आयोग में सालों से जमे अपर निजी सचिव हैं। बुधवार को सीबीआइ के गो¨वदपुर स्थित कैंप कार्यालय पर आयोग के चार अपर निजी सचिवों को बुलाकर घंटों पूछताछ की गई। इनसे पेपर लीक होने, कॉपियों में नंबरों का हेरफेर, कंप्यूटर का रिकॉर्ड बदलने के बारे में पूछताछ हुई। शासन के एक अपर निजी सचिव को जल्द तलब करने की तैयारी है। उसके खिलाफ शासन ने पिछले दिनों कार्रवाई की है।


वहीं, सीबीआइ की तीन सदस्यीय टीम आयोग भी गई। वहां आयोग के पूर्व परीक्षा नियंत्रक से लगातार तीसरे दिन पूछताछ किया। देर शाम तक चली पूछताछ में पूर्व परीक्षा नियंत्रक से कंप्यूटर रिकॉर्ड में हुई गड़बड़ी की जानकारी एकत्र किया। साथ ही कुछ फाइलों को जब्त किया है। पूर्व परीक्षा नियंत्रक सीबीआइ के कई सवालों का जवाब देने से बचते रहे। लेकिन, सीबीआइ ने उनके सामने गड़बड़ी का सुबूत दिखाया तो वे सकते में आ गए। सीबीआइ उत्तर प्रदेश लोकसेवा की विवादित भर्ती परीक्षाओं व रिजल्ट की जांच दिसंबर 2017 से कर रही है। सीबीआइ को वर्ष 2012 से 2017 तक की तकरीबन 550 परीक्षाओं व जारी रिजल्टों की जांच करनी है। लेकिन, मई 2018 में अज्ञात एफआइआर व कुछ परीक्षाओं में पीई (प्राइमरी इंक्वायरी) दर्ज करने के अलावा सीबीआइ कुछ नहीं कर पायी। अभी तक किसी दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अभ्यर्थियों को कार्रवाई का भरोसा : भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को सीबीआइ से आश्वासन मिला है। बुधवार को गो¨वदपुर स्थित कैंप कार्यालय आए अभ्यर्थियों को सीबीआइ ने भरोसा दिया है कि जांच तेजी से चल रही है। दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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