10 September 2020

तीन महीने से शिक्षामित्रों को नहीं मिला मानदेय ब्याज पर रुपये लेकर कर रहे गुजर-बसर


काकोरी लखनऊ बेसिक स्कूलों के पढ़ाने वाले शिक्षामित्रों की गुजर- बसर पर संकट छा गया है। मानदेय न मिलने की वजह से उनका परिवार परेशान है और शासन प्रशासन ने उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। शिक्षामित्रों ने जल्द मानदेय दिलाने की मांग की है।


लखनऊ जनपद के प्राथमिक स्कूलों में लगभग 2200 से अधिक शिक्षामित्र कार्यरत हैं जो कि इन दिनों आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। सरकार की ओर से प्रतिमाह दिया जाने वाला 10000 का मानदेय मई के बाद से नहीं मिला है। मानदेय ना मिलने के कारण शिक्षा मित्रों को परिवार के पालन पोषण में समस्या आ रही है इसके लिए वह ब्याज पर रुपए लेकर घर का खर्च चला रहे हैं। इसके लिए वह कई बार खंड शिक्षा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं वित्त अधिकारी से गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी तक शिक्षामित्रों के खाते में मानदेय नहीं पहुंचा है।


शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष सुशील यादव ने बताया कि मई का मानदेय जून में मिला था लेकिन जुलाई और अगस्त का मानदेय अभी तक नहीं मिल सका है जबकि जून का मानदेय मिलता ही नहीं है। इस बार कोरोना वायरस की वजह से शिक्षामित्रों ने जून महीने में भी ड्यूटी की है और जुलाई से लगातार स्कूलों में भी जा रहे हैं। जहां एक तरह वे
छात्रवृत्ति वितरण, ड्रेस वितरण, पाठ्य पुस्तक वितरण एवं मिड डे मील के खाद्यान्न वितरण में पूरा सहयोग कर रहे हैं लेकिन मानदेय न मिलने के कारण मानसिक एवं आर्थिक रूप से बहुत परेशान हैं। कई शिक्षामित्रों तो ब्याज पर पैसे लेकर अपने घर के रोजमर्रा के खर्च पूरे कर रहे हैं।
विभाग द्वारा नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करवाया जा रहा है जिसकी वजह से इधर कुछ समय से मानदेय के भुगतान में समस्या आ रही है। मगर जल्द ही सॉफ्टवेयर का काम पूरा कर लिया जाएगा और सभी शिक्षामित्रों को उचित मानदेय का भुगतान करवा दिया जाएगा।
बीएसए, लखनऊ

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