11 September 2020

मृतक आश्रित कोटे पर नियुक्त शिक्षक के वेतन के मामले में बीएसए बलिया पर अवमानना का आरोप तय


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जुलाई 1994 से मृतक आश्रित कोटे में नियुक्त जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक को वेतन भुगतान के आदेश को लेकर लंबित अवमानना याचिका की शीघ्र सुनवाई से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि आदेश की अवहेलना करने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बलिया संतोष कुमार राय के खिलाफ आरोप तय किया गया है। कोविड-19 के प्रकोप के कारण अभी सामान्य तौर पर न्यायालय नहीं चल रहा है। स्थिति सामान्य होने पर सुनवाई की मांग को लेकर दोबारा अर्जी दाखिल की जाए।





यह आदेश न्यायमूर्ति वीके बिड़ला ने लक्ष्मण प्रसाद कुशवाहा की अवमानना याचिका पर प्रस्तुत शीघ्र सुनवाई की अर्जी को निरस्त करते हुए दिया है। याची के अधिवक्ता बीएन सिंह का कहना है कि याची दो जुलाई 1994 से जूनियर हाईस्कूल बलिया में बिना वेतन के पढ़ा रहा है। वह भुखमरी की कगार पर है। उसकी नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे में की गई है। हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल 2002 को उसकी याचिका मंजूर करते हुए बीएसए को नियमित वेतन भुगतान का निर्देश दिया था। साथ ही नौ फीसदी ब्याज के साथ बकाया वेतन का तीन माह में भुगतान करने का भी निर्देश दिया। इस आदेश का पालन नहीं किया गया।


अवमानना याचिका दाखिल होने पर कोर्ट ने आदेश पालन का समय दिया लेकिन फिर भी पालन नहीं किया गया। इस पर कोर्ट ने आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने का अवमानना आरोप तय करते हुए जवाब मांगा है। 23 जुलाई 2019 को याचिका की सुनवाई नहीं हो सकी। बाद में लॉक डाउन के कारण सुनवाई नहीं होने पर याची ने कोर्ट से शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई। कोर्ट ने न्यायालय के सामान्य रूप से कार्य करने पर प्रार्थना पत्र देने की सलाह देते हुए अर्जी खारिज कर दी है।

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