17 September 2020

Prayagraj: स्टेशन पर ड्यूटी करें या स्‍कूल में, असमंजस में परिषदीय शिक्षक

अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की जांच के लिए लगाए गए शिक्षकों को मौखिक आदेश से स्कूल आने के लिए निर्देशित किया जा रहा है। ये शिक्षक छह जून से आठ-आठ घंटे की ड्यूटी विभिन्न पालियों में दे रहे हैं। हालांकि अब स्पेशल ट्रेने नहीं आ रही हैं। अधिकांश शिक्षक स्टेशन पर या तो जा नहीं रहे हैं या फिर जा रहे तो पूरी तरह से खाली हैं।



श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन के समय लगी थी डयूटी
जून और जुलाई में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के आने पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ यात्रियों की जांच में शिक्षक भी लगाए गए थे। स्पेशल ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद से सभी शिक्षक खाली हैं। फिर भी स्टेशन की परिक्रमा कर रहे हैं। इसे देखते हुए कई खंड शिक्षाधिकारियों ने मौखिक तौर पर अध्यापकों को स्कूल आने के लिए निर्देशित किया है।

शिक्षकों की मांग है कि पहले स्‍टेशन डयूटी से नाम कटे, तब बुलाया जाए स्‍कूल
शिक्षकों का कहना है कि यदि ड्यूटी से वापस बुलाना है तो स्टेशन ड्यूटी से पहले नाम कटवाया जाए। इस संबंध में कोरांव के खंड शिक्षाधिकारी सीताराम सिंह ने बताया कि करीब दो माह से कोई स्पेशल ट्रेन नहीं आ रही है। ऐसे में विभागीय कार्य व स्कूलों के काम के लिए अध्यापकों को बुलाया जा रहा है। दोबारा यदि जरूरत पड़ेगी तो उन्हें फिर स्टेशन ड्यूटी में लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहाकि मेरी ड्यूटी भी स्टेशन पर थी लेकिन ट्रेन न आने पर मै भी विभागीय कार्य कर रहा हूं। शिक्षकों को भी अपना दायित्व निभाना चाहिए।

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