05 October 2020

एडेड स्कूल संचालकों ने स्कूल खोलने से किया इनकार


राजधानी में आगामी 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने की कवायद शुरू हो गई है। निजी स्कूल संचालकों के संगठन शुरू करने पर दबाव भी बना रहे हैं।
लेकिन, शहर के सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधनों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि प्रबंधन के पास कोई बजट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सैनिटाइजेशन, मास्क समेत कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था कर पाना संभव ही नहीं है। स्कूल प्रबंधनों की ओर से इसके लिए बजट की व्यवस्था करने या फिलहाल स्कूल न खोले जाने की मांग उठाई गई है। राजधानी में सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों की संख्या करीब 98 है। यहां सिर्फ नौ से 12 तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 50 से 60 हजार है। वहीं, प्रदेश भर में यह छात्र संख्या लाखों में है।


यह है स्कूल प्रबंधनों का दर्दः अनिल अग्रवाल, महामंत्री, प्रबंधक सभा बताया कि एडेड स्कूलों के पास कोई बजट नहीं है। हम पैसे की मांग नहीं कर रहे हैं। विभाग खुद जिम्मेदारी उठा ले। सैनिटाइजेशन और मास्क जैसी व्यवस्थाएं करा दें।

विभाग ने खड़े किए हाथः केएम मिश्रा, प्रबंधक, बीएसएनएल कॉलेज बताया कि बीएसएनएल बड़ा संस्थान हैं । करीब 1400 की छात्रसंख्या है। बीते दिनों विभाग को पत्र लिखकर सैनिटाइजेशन जैसी व्यवस्थाएं करने के लिए कहा था। उन्होंने हाथ खड़े कर दिए हैं। प्रबंधनों के पास कोई संसाधन नहीं हैं।

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