वित्तीय वर्ष 2019-20 व कर निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए आयकर आगणन की दरें


वित्तीय वर्ष 2019-20 व कर निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए आयकर आगणन की दरें 



INCOME TAX SLAB 2019-20
COMMON TAX PAYER
INCOME RANGETAX %
UPTO 2.5 LACNIL
2.5 TO 5 LAC5%
5 TO 10 LAC20%
MORE THAN 10 LAC30%
SENIOR CITIZEN
 UPTO 3 LACNIL
 3 TO 5 LAC  5%
 5 TO 10 LAC20%
 MORE THAN 10 LAC30%
VERY SENIOR CITIZEN
 UPTO 5 LAC NIL
 5 TO 10 LAC20%
 MORE THAN 20 LAC30%

INCOME TAX SLABS FOR FY 
2019-20 AND AY 2020-21

Individual Assessee :
 व्यक्ति (निवासी अथवा अनिवासी (Non-Resident)) अथवा हिंदु अविभाजित परिवार (HUF) अथवा व्यक्तियों के संघ (AOP) अथवा व्यक्तियों की निकाय (Body of Individual) अथवा अन्य किसी कृत्रिम कानूनी व्यक्ति (Artificial Person) की स्थिति में निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए आयकर की दरें निम्न प्रकार हैं :


निवासी वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen) की स्थिति में (जो पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय साठ (60) वर्ष की आयु अथवा उससे अधिक का हो लेकिन पिछले वर्ष के अंतिम दिन पर अस्सी (80) वर्ष की आयु से कम का हो) निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए आयकर की दरें निम्न प्रकार हैं :

Note :
  1. स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) एक निश्चित राशि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 50,000 है, जो टैक्स योग्य आय की गणना से पहले आपकी सैलरी से काट ली जाती है. यह साल 2005-06 तक आयकर अधिनियम का हिस्सा था, जब तत्कालीन वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने इसे हटा दिया था.
  2. अधिभार (Surcharge): आयकर की राशि ऐसे कर के 10% की दर पर अधिभार द्वारा बढ़ार्इ जाएगी जहां कुल आय एक करोड़ रूपए से अधिक हो। हालांकि, अधिभार (Surcharge) सीमांत राहत (marginal relief) के अनुसार ही देयहोगा। (अर्थात जहां कुल आय एक करोड़ रूपए से अधिक हो वहां आयकर तथा अधिभार के रूप में देययोग्य कुल राशि आय, जो एक करोड़ रूपए से अधिक हो, की राशि के अलावा एक करोड़ की कुल आय पर आयकर के रूप में देययोग्य कुल राशि से अधिक नही होगी)
  3. शिक्षा उपकर (Education Cess): आयकर तथा अधिभार की राशि ऐसे आयकर तथा अधिभार के 2% प्रतिशत की दर पर आंके गए शिक्षा उपकर द्वारा आगामी वृद्धि की जाएगी।
  4. माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा उपकर (Secondary and Higher Education Cess): आयकर तथा अधिभार की राशि ऐसे आयकर तथा अधिभार के 2 % की दर पर आंके गए माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा उपकर द्वारा आगामी वृद्धि की जाएगी।
  5. धारा 87A के अंतर्गत छूट : छूट निवासी व्यक्ति के लिए उपलब्ध होती हैं यदि उसकी कुल कर योग्य आय रू. 5,00,000 से अधिक न हो। छूट की राशि अधिकतम 12,500 रू होगी.

DISCLAIMER : सभी जानकारियों को यथासंभव सही देने का प्रयास किया गया है. फिर भी आपको सलाह दी जाती है कि अपने आयकर सलाह से सलाह लेकर ही अंतिम रूप से आयकर के कार्य को पूर्ण करें