69,000 शिक्षक भर्ती में गलत जवाब से अधर में प्रतियोगियों का भविष्य, जानिए आखिर क्या है पूरा मामला

 प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की 69,000 शिक्षक भर्ती में दो चरणों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और त्रुटि सुधार वालों को भी मौका दिया गया है, लेकिन लिखित परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के गलत जवाब का प्रकरण अब तक अनसुलझा है। बड़ी संख्या में दावेदारों ने इसे लेकर बुधवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव को ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग है कि इन प्रश्नों पर कामन अंक दिए जाएं। सचिव ने कहा है कि इस संबंध में कोर्ट का आदेश लागू किया जाएगा।


69,000 शिक्षक भर्ती की अंतिम उत्तर कुंजी में विवादित लगभग चार से पांच प्रश्न ऐसे हैं, जिनके दो से अधिक उत्तर हैं, इस संबंध में हाईकोर्ट व लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल है। विवादित प्रश्नों को लेकर लखनऊ खंडपीठ ने बीती तीन जून को भर्ती प्रक्रिया पर रोक भी लगा दी थी, लेकिन सरकार की अपील पर लखनऊ खंडपीठ की डबल बेंच ने भर्ती पर लगी रोक हटा ली थी। विवादित प्रश्न से संबंधित मामले को लेकर सभी छात्र सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे, शीर्ष कोर्ट ने उत्तरकुंजी से संबंधित सभी याचिकाओं को टैग कर सात जुलाई को लखनऊ डबल बेंच को निर्देश दिया कि विवादित प्रश्नों की जांच कर दो माह के भीतर उत्तर कुंजी के मामले को निस्तारित करें।

अब लगभग चार माह बीत चुके हैं, लेकिन न्यायालय से कोई फैसला नहीं आया है। शिक्षक भर्ती भी अंतिम दौर में है, इसलिए प्रदेश के सभी दावेदारों ने सरकार व न्यायालय से उत्तरकुंजी में विवादित प्रश्नों पर कॉमन अंक प्रदान दिए जाने की मांग की है। बुधवार को अभिषेक श्रीवास्तव की अगुआई में छात्र छात्रओं ने एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन किया और परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव को ज्ञापन सौंपकर जल्द मामले को निस्तारित करने की गुहार लगाई। नवीन यादव, अमित यादव, दिनेश यादव, कृष्णा सिंह, राहुल मिश्र, रविन्द्र यादव, धर्मेद्र यादव, मनीष श्रीवास्तव, कल्पना श्रीवास्तव व दीपिका श्रीवास्तव सहित अन्य मौजूद रहे।
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