राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों की बदलेगी सूरत, होंगे स्मार्ट

लखनऊ : समाज कल्याण विभाग ने गरीब तबके के छात्रों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 20 जिलों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का निर्माण कराया जा रहा है। यहां स्मार्ट क्लास व कंप्यूटर-प्रोजेक्टर आदि की भी व्यवस्था होगी।


समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने बुधवार को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनका विभाग प्रदेश के सबसे नीचे पायदान पर खड़े लोगों को ऊपर लाने का काम कर रहा है। लखनऊ ट्राइबल म्यूजियम की स्थापना जल्द की जाएगी। प्रदेश में 103 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इसमें 49 सीबीएसई बोर्ड व 54 यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं। शास्त्री ने बताया कि गोरखपुर में सिविल सेवा की तैयारी के लिए 8.71 करोड़ रुपये से कोचिंग सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। यह 2021-22 से संचालित हो जाएगा। प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के सिविल सेवा की तैयारी के लिए सात कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। इन सेंटरों से 51 अभ्यर्थी आइएएस व पीसीएस परीक्षा और 438 अभ्यर्थी अन्य सेवाओं में चयनित हुए हैं।

स्कॉलरशिप के लिए आय सीमा में बढ़ोत्तरी : रमापति शास्त्री ने बताया कि पूर्वदशम तथा दशमोत्तर अनुसूचित जाति/जनजाति व सामान्य वर्ग के छात्रों की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में वृद्धावस्था पेंशन 36.53 लाख लोगों को दी जाती थी।