प्रदेश में 21,695 सहायक अध्यापकों की अंतर्जनपदीय तबादला सूची जारी, 69 हजार ने किया था आवेदन: साइट नही खुलने से आवेदक परेशान

बेसिक शिक्षा परिषद के सहायक अध्यापकों की बहुप्रतीक्षित अंतर्जनपदीय तबादला सूची बृहस्पतिवार रात जारी की गई। तबादला नीति में दिए गए नियमों की बाध्यता और उच्च न्यायालय की गाइडलाइन के कारण 68 हजार आवेदकों में से  21,695 सहायक अध्यापकों का ही तबादला हो सका है। तबादलों का इंतजार कर रहे 37 हज़ार से अधिक सहायक अध्यापकों के हाथ मायूसी लगी है। सहायक अध्यापकों की तबादला सूची जारी होने की खबर फैलने के साथ ही हजारों की संख्या में सहायक अध्यापकों ने साइट खोलना शुरू किया। कुछ देर बाद साइट जाम होने लगी। साइट नही खुलने से आवेदक परेशान भी हुए।



बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से सहायक अध्यापकों के अंतर्जनपदीय तबादलों के लिए 20 दिसम्बर 2019 से 20 जनवरी 2020 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। करीब 69 हजार अध्यापकों ने तबादले के लिए आवेदन किया था। इनमे से 68 हजार सहायक अध्यापकों के आवेदन सही पाए गए थे। 15 मार्च 2020 को तबादला सूची जारी करना  प्रस्तावित था। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण तबादला सूची जारी नही हो सकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितंबर में 54 हजार सहायक अध्यापकों के तबादले करने की मंजूरी दी थी। लेकिन उसके बाद कुछ शिक्षकों की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तबादलों पर रोक लगा दी। प्रदेश सरकार की विशेष याचिका पर उच्च न्यायालय ने तबादलों की शशर्त मंजूरी दी।


उच्च न्यायालय की ओर से पुरूष शिक्षक के लिए पांच साल और महिला शिक्षक के लिए दो साल सेवा के बाद ही अंतर्जनपदीय तबादला करने की मंजूरी दी गई। इससे करीब 9057 सहायक अध्यापक तबादले के दायरे से बाहर हो गए। बृहस्पतिवार रात एनआईसी ने परिषद की वेबसाइट पर 21,695 सहायक अध्यापको की अंतर्जनपदीय तबादला सूची जारी की। परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि तबादला नीति के तहत जिलों में रिक्त पदों की संख्या, एक जिले से दूसरे जिले में अधिकतम तबादले की सीमा और उच्च न्यायालय के आदेश के तहत निर्धारित गाइडलाइन के बाद  21, 695 सहायक अध्यापकों के तबादले किए गए हैं।

अब जिले के अंदर तबादले शुरू होंगे
बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से अब जिले के अंदर एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक और एक नगर निकाय क्षेत्र से दूसरे क्ष्रेत्र में सहायक अध्यापकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग इस बार ग्रामीण से शहरी और शहरी से ग्रामीण क्षेत्रों में भी ट्रांफ़सर की छूट देने की तैयारी कर रहा है।