यूपी में अब एक पाली में खुलेंगे 9वीं से 12वीं तक के स्कूल, 10 से 3 बजे तक चलेंगी क्लास

यूपी बोर्ड से संबद्ध और अन्य शिक्षा बोर्डों के माध्यमिक स्कूल अब एक ही पाली में संचालित होंगे। यूपी सरकार ने कक्षा नौ से 12 तक के स्कूलों को सुबह 10 से दोपहर बाद तीन बजे तक खोलने का निर्देश दिया है। सभी जिलाधिकारी, डीआइओएस और अन्य अफसरों को इस पर अमल करने का निर्देश है।


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने जिला विद्यालय निरीक्षकों से एक ही पाली में स्कूल संचालित करने के लिए सुझाव मांगे थे, यह कदम शीतलहरी और कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए उठाया गया था। इससे पहले शासन ने पिछले साल 10 अक्टूबर को निर्देश जारी कर 19 अक्टूबर से प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डों के कक्षा नौ से 12 तक के स्कूलों को दो पालियों में सुबह नौ से 12 और दोपहर 12 से तीन बजे तक संचालित करने को कहा गया था, ताकि विद्यार्थियों के बीच शारीरिक दूरी का पालन हो।


इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने आदेश दिया कि जिन अभिभावकों की सहमति होगी, उनके बच्चों का स्कूलों में कारोना टेस्ट भी कराया जाएगा। इधर प्रदेश में शीतलहरी शुरू हो गई है। साथ ही कोरोना की दूसरी लहर का असर होने की आशंका है। ऐसे में शासन ने स्कूलों को एक ही पाली में संचालित करने के लिए सुझाव मांगे थे। अब विशेष सचिव आर्यका अखौरी ने सभी डीएम व डीआइओएस सहित अन्य अधिकारियों को एक पाली में ही स्कूल खोलने का निर्देश दिया है।
यूपी बोर्ड सचिव ने बताया कि एक ही पाली में छात्र-छात्राओं की तादाद अधिक होने पर उन्हें आनलाइन कक्षाओं का विकल्प सुझाया जा सकता है। वहीं एक दिन छोड़कर भी विद्यार्थियों को बुलाया जा सकता है। आनलाइन कक्षाएं नियमित चलने से कोर्स पूरा होगा। 

बता दें कि शासन ने 10 अक्टूबर को आदेश दिया था कि प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डों के 9 से 12वीं तक के स्कूल 19 अक्टूबर से संचालित किए जाएं। स्कूलों को दो पाली सुबह नौ से 12 और मध्यान्ह 12 से तीन बजे तक छात्र-छात्राओं को बुलाने के निर्देश थे, ताकि उनके बीच शारीरिक दूरी का पालन हो। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने आदेश दिया कि जिन अभिभावकों की सहमति होगी उनके बच्चों का स्कूलों में कोविड परीक्षण भी कराया जाएगा। इधर प्रदेश में शीतलहरी शुरू हो गई है साथ ही कोरोना की दूसरी लहर का असर होने की आशंका है। ऐसे में शासन ने निर्देश दिया है कि स्कूलों को एक ही पाली में संचालित किया जाए।