शिक्षा विभाग के समूह-ख संवर्ग में पदोन्नति से पहले ही अनुपात प्रतिशत पर तकरार

प्रयागराज : शिक्षा विभाग के समूह-ख संवर्ग में पदोन्नति से पहले ही राजकीय शिक्षक व निरीक्षण शाखा संघ आमने-सामने है। दोनों अनुपात प्रतिशत अधिक पाने की पैरवी में जुटे हैं। हालांकि शिक्षा निदेशालय का दावा है कि पदोन्नति के लिए गोपनीय आख्या पुराने कोटे के तहत मांगी गई है, जिसमें पुरुष शाखा का 61, महिला शाखा का 22 व निरीक्षण शाखा का 17 अनुपात प्रतिशत है।


उप्र शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ख के पदों पर पदोन्नति छह साल से नहीं हो सकी है। प्रदेश में इस संवर्ग के अब गिने-चुने अफसर बचे हैं, जबकि रिक्त पदों की तादाद करीब पांच सौ है। 2018 में भी विभागीय पदोन्नति समिति ने सूची फाइनल की थी लेकिन, उस पर कोर्ट ने रोक लगा दी। शासन ने इस संवर्ग के पदों को भरने के लिए पांच नवंबर को आदेश दिया। शिक्षा निदेशालय ने 23 दिसंबर को सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों से पदोन्नति के लिए गोपनीय आख्या मांगी। यह पत्र इंटरनेट पर वायरल हुआ और सूची के अनुसार यह कयास लगे कि निरीक्षण शाखा का कोटा बढ़ाया है। अपर शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने स्पष्ट किया कि अनुपात प्रतिशत में कोई बदलाव नहीं है।

महिलाएं भी कोटे से असहज : पदोन्नति में महिला शाखा का कोटा सिर्फ 22 प्रतिशत होने से महिला शिक्षिकाएं भी असहज हैं। वे भी अपना कोटा बढ़ाने की मांग कर रही हैं। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. राजेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि महिलाओं व पुरुषों का कोटा बराबर करने की मांग हो रही है।