विषयवार शिक्षकों की तैयार होगी कुंडली, पढ़ाई की गुणवत्ता पता लगाने के लिए होगा मूल्यांकन


वाराणसी। आम तौर पर स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम का ही मूल्यांकन किया जाता है, लेकिन अब उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों की सफलता का भी मूल्यांकन कराया जाएगा। पिछले तीन साल में किस शिक्षक के पढ़ाए छात्रों ने बोर्ड परीक्षा में संबंधित विषय में कितने प्रतिशत सफलता अर्जित की है, अब इसकी सूची नए सिरे से तैयार कराई जा रही है। नई व्यवस्था के मुताबिक 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले शिक्षकों की सूची शासन को भेजी जाएगी।


जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत यूपी बोर्ड के करीब 400 विद्यालय हैं। इसमें कक्षा 9 से 12 तक के करीब सवा दो लाख छात्र- छात्रा पढ़ाई करते हैं। इसमें करीब एक लाख परीक्षार्थी हाईस्कूल, इंटर में हर साल परीक्षा देते हैं। पिछले तीन सालों से बोर्ड परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक छात्र-छात्रा सफल भी हो रहे हैं। जब परिणाम जारी होता है तो विद्यालयों की ओर से अपने वहां परिणाम शत प्रतिशत होने का दावा भी किया जाता है। यहीं नहीं शिक्षा विभाग में भी इसकी जानकारी दी जाती है। अब इन दावों की हकीकत का पता लगाने के लिए ही बोर्ड ने अपने स्तर से जांच कराने का निर्णय लिया है। इसमें विषय के शिक्षकों की भी कुंडली तैयार कराई जा रही है । विषयवार शिक्षकों के परीक्षा परिणाम के बारे में जो जानकारी मांगी गई है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ ही शिक्षकों को जिम्मेदारियों का सजगता पूर्वक निर्वहन कराने की दिशा में पहली बार इस तरह की पहल की गई है इससे शिक्षकों की विषय के प्रति रूचि तो बढ़ेगी ही,सबसे अधिक लाभ छात्रों को मिलेगा। - डॉ. विजय प्रकाश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक