अंतर्जनपदीय तबादलों में शिक्षिकाओं को लाभ, शिक्षक मायूस:- ऐसे हुए तबादले

प्रयागराज : परिषदीय शिक्षकों के अंतर जिला तबादलों में पुरुष शिक्षकों को भले ही बड़ी संख्या में मायूस होना पड़ा हो, लेकिन महिला शिक्षकों को सर्वाधिक लाभ मिला है। दरअसल उन पर सेवा अवधि बदलने का प्रभाव नहीं पड़ा, जबकि पुरुष शिक्षक तय समय सीमा पूरी न करने से बाहर हो गए। गंभीर रूप से बीमार, दिव्यांग व सैनिकों के परिवार को तबादलों में वरीयता मिली है।


बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों ने दो चरणों में तबादलों के लिए आनलाइन आवेदन किया था। जिलों में प्राथमिक स्कूल प्रधानाध्यापकों के 453, सहायक अध्यापकों के 28,268, उच्च प्राथमिक के प्रधानाध्यापकों के 816 व सहायक अध्यापकों के 14,379 सहित कुल 43,916 पद रिक्त थे। शिक्षकों को उम्मीद थी कि वे इस बार मनचाहे जिले में पहुंच जाएंगे। पहले चरण के आवेदन के समय तक पुरुष शिक्षकों की तीन साल व महिला शिक्षकों की एक साल की सेवा अवधि तय थी। नवंबर में हाईकोर्ट ने इसमें बदलाव कर दिया, जिससे पुरुष शिक्षकों की सेवा अवधि बढ़कर पांच साल व महिला शिक्षकों की दो साल हो गई।

परिषद ने 17 दिसंबर, 2020 तक की सेवा अवधि तक की गणना की, जिससे शिक्षिकाओं पर इसका असर नहीं हुआ क्योंकि तबादले का आदेश दो दिसंबर, 2019 को हुआ था और उस समय वे एक साल की सेवा पूरा कर चुकी थीं। नई गणना से उनका दो साल भी पूरा हो गया। वहीं, पुरुष शिक्षक कुछ दिन व माह के अंतर से तबादले की अर्हता पूरा नहीं कर सके।

बदली तबादला देखने की व्यवस्था: तबादला सूची जारी होने के बाद वेबसाइट ठीक से नहीं चल पा रही थी। कई शिक्षकों को ओटीपी नहीं मिल रही थी, इस पर व्यवस्था बदली गई। दोपहर बाद ओटीपी का विकल्प बंद करके जन्मतिथि का विकल्प बढ़ाया गया, जिससे आवेदन की स्थिति देखना सहज हो गया।

ऐसे हुए तबादले

कुल शिक्षक - 21,695

पुरुष शिक्षक - 7,521

महिला शिक्षक - 14,174

गंभीर रूप से बीमार - 1,499

सैनिकों के परिवार - 956

दिव्यांग - 1,193