बेसिक शिक्षकों को अब दफ्तरों के नहीं लगाने होंगे चक्कर, कई सुविधाओं से लैस है मानव सम्पदा पोर्टल

फतेहपुर : शासन द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग में मानव सम्पदा पोर्टल से ऑनलाइन प्रणाली की शुरूआत करने का फैसला बेसिक शिक्षकों के लिए राहतभरा साबित हो रहा है । अब तक अपने अवकाशों के लिए कार्यालय की परिक्रमा और अफसरों की जी हुजूरी करने वाले शिक्षकों को इससे छुटकारा मिलने लगा है।





पोर्टल के जरिए अब शिक्षकों के सभी प्रकार के अवकाशों के आवेदन स्वीकृति तथा सर्विस बुक कारखरखाव किया जा रहा है। एनआईसी द्वारा तैयार किए गए पोर्टल में सूचनाएं स्वतः अपडेट होने लगी हैं। अपडेशन का जिम्मा बीई ओ व बीएसए का है । शिक्षक को एक यूजर आईडी उपलब्ध कराया गया है। यूजर आईडी के आधार पर ही बीईओ शिक्षक का परिचय पत्र बनाएंगे।

कई सुविधाओं से लैस है मानव सम्पदा पोर्टल

न केवल अवकाश बल्कि सेवा सम्बन्धी अन्य प्रक्रियाओं को सम्पादित करने की व्यवस्था पोर्टल में दी गई है। एनआईसी के सहयोग से सर्विस बुक का डिजीटाइजेशन, वेतन एवं जीपीएफ लोन आवेदन माड्यूल संचालित होने का दावा किया गया है। शिक्षकों एवं कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय आख्या के लिए भी एक माड्यूल शुरू हो जाएगा।

अवकाश स्वीकृति की तय की गई सीमा

महिला शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए शासन ने मातृत्व व बाल्य देखभाल अवकाश दो दिन में स्वीकृत करने की व्यवस्था दी है। 42 दिन तक के अवकाश बीईओ एवं अधिक दिनों का अवकाश बीएसए स्वीकृत करेंगे। आवेदन, संलग्नक, स्वीकृति एवं आपत्तियां आनलाइन माध्यम से होंगी। मेडिकल अवकाश आवेदन के दिन से ही मान्य होगा। सीसीएल फर्स्ट इन फर्स्ट आउट के सिद्धांत पर स्वीकृत होगी।

महानिदेशक ने जताई नाराजगी

बीते दिनों स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनन्द ने आनलाइन आवेदनों के त्वरित व समयबद्ध निस्तारण न होने पर गहरी नाराजगी जताई थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि जिस स्तर पर समयबद्ध तरीके से आवेदनों का निस्तारण नहीं होगा, उस अफसर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हेडमास्टर को एक साथ चार सीएल स्वीकृत करने का अधिकार भी दिया गया लेकिन धरातल पर सभी अवकाश बीईओ ही स्वीकृत कर रहे हैं।