विवाद के कारण नहीं हो पा रहा है बेसिक शिक्षकों का प्रमोशन, टीईटी बन रही बाधा



उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी के पीछे बड़ा कारण प्रमोशन न होना है। प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों का प्रमोशन नियुक्ति के तीन साल बाद प्राथमिक के प्रधानाध्यापक या उच्च प्राथमिक स्कूल के सहायक अध्यापक पद पर होता है। दो साल पहले कुछ शिक्षकों ने प्रमोशन में टीईटी अनिवार्य करने के लिए याचिका कर दी थी। उसके बाद से पूरे प्रदेश में प्रमोशन रुके हुए हैं। जबकि उच्च प्राथमिक स्कूलों में 100 प्रतिशत पद प्रमोशन से भरे जाते हैं। प्रयागराज में 3 मार्च 2009 के बाद नियुक्त शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हुआ है।