अंतर्जनपदीय तबादले से वंचित शिक्षिकाओं ने डीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन, 15 प्रतिशत की बाध्यता को समाप्त करने की उठाई मांग


अंतर्जनपदीय तबादले से वंचित शिक्षिकाओं ने डीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन, 15 प्रतिशत की बाध्यता को समाप्त करने की उठाई मांग

लखीमपुर खीरी। अंतरजनपदीय तबादलों के लिए सूची जारी होने के बाद वंचित शिक्षिकाओं ने अपने तबादले की मांग करते हुए मंगलवार को हाथों में तख्ती लेकर डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। जनपद से 15 प्रतिशत शिक्षिकाओं के तबादले की बाध्यता को समाप्त करने की मांग उठाई है। साथ ही प्रदेश सरकार को 54120 पदों पर तबादले का वायदा याद दिलाते हुए सिर्फ 21695 तबादले किए जाने पर रोष जाहिर किया है।


विलोबी मेमोरियल परिसर में शिक्षिका गीताजंलि वर्मा और अर्चना शर्मा की अगुवाई में तबादले से वंचित सभी शिक्षिकाएं एकत्र हुईं, जिसके बाद कैंडल मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पहुंचीं। यहां पर शिक्षिकाओं ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की, जिसके बाद अतिरिक्त एसडीएम रेनू को ज्ञापन देकर अपनी मांगें रखीं। शिक्षिकाओं ने कहा कि शासनादेश में दो वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाली महिला शिक्षकों का तबादला करने की स्वीकृति दी गई है, लेकिन उनके जैसी कई शिक्षिकाएं पांच वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुकी हैं, फिर भी तबादले से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवारत पति, असाध्य रोगी, दिव्यांगता के आधार पर 10 अंकों का भारांक देकर उन महिलाओं को मेरिट में कई गुना आगे कर दिया है, जो सेवा अवधि में पीछे थीं। शिक्षिकाओं ने कहा है कि 54120 शिक्षिकाओं के तबादले का वादा प्रदेश सरकार ने किया था, जिसके सापेक्ष 21695 शिक्षिकाओं के तबादले किए गए हैं। जनपद में कुल शिक्षकों के सापेक्ष 15 प्रतिशत शिक्षिकाओं के तबादले की बाध्यता में नई भर्तियों को दखते हुए छूट देने की मांग उठाई है। इस दौरान डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह भी शिक्षिकाओं से वार्ता करने पहुंचे और शिक्षिकाओं की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में शिक्षिका गीताजंलि वर्मा, अर्चना शर्मा, नेहा, मीनू, आरती, दुर्गेश कुमारी, शिवाली तारिका, शाजिया नाज, दीप्ति वार्ष्णेय आदि शामिल रहीं।