बच्चों की छूटी पढ़ाई की भरपाई को 100 दिनी अभियान, प्रेरणा ज्ञानोत्सव के दौरान परिषदीय स्कूलों में रेमेडियल टीचिंग पर होगा जोर

लखनऊ : कोरोना संक्रमण के कारण बंद हुए परिषदीय स्कूलों के खुलने पर उनमें प्रेरणा ज्ञानोत्सव नामक 100 दिनों का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान का मकसद कोरोना संक्रमण के कारण बाधित हुई पढ़ाई और शैक्षिक दक्षताओं की भरपाई करना है। अभियान के दौरान प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की रेमेडियल टीचिंग (उपचारात्मक शिक्षा) पर जोर होगा, ताकि वे कक्षा के अनुरूप अपेक्षित लर्निंग आउटकम प्राप्त कर सकें। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने सोमवार को इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। अभियान के दौरान बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।


स्कूल खुलने के बाद बच्चों में अपेक्षित शैक्षिक दक्षताएं विकसित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने ‘समृद्ध’ हस्तपुस्तिका नामक विशेष मॉडयूल तैयार कराया है, जिस पर रेमेडियल टीचिंग आधारित होगी। स्कूल खुलने के बाद समृद्ध हस्तपुस्तिका में दिए गए निर्देशों के अनुसार सभी बच्चों का गणित और भाषा ज्ञान का प्रारंभिक आकलन किया जाएगा। हस्तपुस्तिका के टीचिंग प्लान के अनुसार प्राथमिक कक्षाओं को तीन समूहों में बांटकर कक्षाएं संचालित की जाएंगी। गणित विषय के लिए कक्षा 1 व 2, कक्षा 3 व 4 तथा कक्षा 5 के तीन समूह होंगे। हंिदूी भाषा विषय के लिए कक्षा 1, कक्षा 2 व 3 और कक्षा 4 व 5 के तीन समूह बनाए जाएंगे। हस्तपुस्तिका पर आधारित 100 दिवसीय रेमेडियल टीचिंग के बाद बच्चों का स्टूडेंट असेसमेंट टेस्ट के माध्यम से अंतिम आकलन किया जाएगा।