अप्रैल से पटरी पर लौटेगी पढ़ाई

कोरोना के खत्म होते प्रभाव के बीच स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों के लड़खड़ाए शैक्षणिक सत्र को फिर से पटरी पर लाने की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा मंत्रलय ने इसके लिए संबंधित एजेंसियों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। खासकर स्कूलों से 10वीं और 12वीं की बोर्ड को छोड़कर बाकी सभी कक्षाओं की परीक्षाएं कराने और उनके परिणाम घोषित करने का काम 31 मार्च तक पूरा करने को कहा है, ताकि एक अप्रैल से नई कक्षाएं शुरू हो सकें। इसी तरह विश्वविद्यालयों सहित दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों से भी नई कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी तैयारी करने के लिए कहा गया है।


शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने की यह कवायद तब शुरू की गई है, जब स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक को खोल दिया गया है। हालांकि अभी इनमें अभी पहले जैसी शैक्षणिक गतिविधियां नहीं शुरू हो पाई हैं। स्कूलों में अभी सिर्फ नौवीं से 12वीं तक के छात्रों को बुलाया जा रहा है।

‘शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा’

नई दिल्ली, प्रेट्र: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी 2016 के प्री-यूनिवर्सिटी प्रश्नपत्र लीक मामले में आरोपित को जमानत देने के कर्नाटक हाई कोर्ट ने के आदेश पर रोक लगाते हुए की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें शिक्षा प्रणाली को विकृत किया जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पहली बार 13 भाषाओं में जेईई

नई दिल्ली, आइएएनएस : संयुक्त प्रवेश परीक्षा-मेंस (जेईई-मेंस) मंगलवार से शुरू हो गई। पहली बार इस परीक्षा का आयोजन नई शिक्षा नीति के तहत किया जा रहा है। इसके तहत इस बार छात्र हंिदूी और अंग्रेजी के अलावा तेलुगु, तमिल, पंजाबी, उर्दू, उड़िया, मराठी, मलयालम, कन्नड़, बंगाली, असमी और गुजराती में भी परीक्षा दे रहे हैं।