परीक्षा से पहले प्राइमरी से जूनियर तक की कक्षाओं में बच्चों का कराया जाएगा रिवीजन

लखनऊ। शैक्षणिक सत्र के अंतिम पड़ाव में प्राइमरी से जूनियर तक के बच्चों की पढ़ाई एक बार फिर स्कूल कैंपस में होगी। सालभर जो छात्र ऑनलाइन टेस्ट देते आए थे, वे अब क्लास में बैठकर दो से तीन घंटे की लिखित परीक्षा देंगे।


छठी से आठवीं तक की क्लासरूम टीचिंग 10 फरवरी और कक्षा पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई एक मार्च से होगी। वर्तमान शैक्षणिक सत्र अब खत्म होने के कगार पर है। ऐसे में क्लासरूम में ज्यादा पढ़ाई कराने का समय नहीं है। इसको लेकर स्कूलों ने रणनीति तैयार कर ली है। बच्चे जो ऑनलाइन पढ़ाई कर चुके हैं, दोबारा स्कूल खुलने पर उनमेें से महत्वपूर्ण टॉपिक का रिवीजन कराया जाएगा। इसके बाद परिसर में परीक्षा कराई जाएगी। स्कूल सभी बच्चों के लिए ऑफलाइन परीक्षाएं अनिवार्य करने जा रहे हैं।

अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने शासन से अनुमति मांगी है कि बिना परीक्षा के बच्चों को प्रमोट न किया जाए।
परीक्षा की कराएं तैयारी
ज्यादातर स्कूलों ने अभिभावकों को सूचित कर दिया है कि फरवरी और मार्च में होने वाली अंतिम गृह परीक्षा इस बार क्लासरूम में होगी। पायनियर मोंटेसरी इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या शर्मिला सिंह ने बताया कि परीक्षा से पहले बच्चों का रिवीजन भी कराया जाएगा। जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के चेयरमैन सर्वेश गोयल ने बताया कि सारे इंतजामों के साथ ऑफलाइन परीक्षाएं कराई जाएंगी। अवध कॉलेजिएट, लखनऊ पब्लिक कॉलेजिएट, लखनऊ पब्लिक स्कूल, बाल निकुंज, दिल्ली पब्लिक स्कूल बच्चों की अंतिम परीक्षा स्कूल में कराएंगे।
अभिभावकों की कर रहे काउंसिलिंग
स्कूल खोलने का एलान होने के बाद स्कूल प्रशासन अभिभावकों की काउंसिलिंग करने में जुट गए हैं ताकि वे बच्चों को स्कूल भेजें। सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज में शनिवार को कक्षा छठी से आठवीं तक के बच्चों के अभिभावकों की बैठक बुलाई गई और स्कूल में सारे इंतजाम दिखाए गए।