छात्रों के खाद्य सुरक्षा भत्ते की होगी जांच

महराजगंज:-

कोरोना महामारी के दौरान परिषदीय विद्यालय में पंजीकृत आठवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं को दिए जाने वाले खाद्य सुरक्षा भत्ता का शासन के निर्देश पर सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए बीएसए ओम प्रकाश यादव ने बेसिक शिक्षा विभाग के 17 अफसरों की ड्यूटी लगाया है। डायट प्राचार्य व बीएसए खुद भी सत्यापन करेंगे। यह अफसर आवंटित ब्लाक में छात्रों के घर पहुंचेंगे।

परिजनों से इस बात का सत्यापन करेंगे कि खाद्य सुरक्षा भत्ता के लिए उनके घर के परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को खाद्यान्न व धनराशि मिली है कि नहीं। सत्यापन रिपोर्ट बीएसए को सौंपी जाएगी। जिस विद्यालय से एमडीएम का खाद्यान्न व कन्वर्जन कास्ट की धनराशि वितरित नहीं की गई है वहां के प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसके लिए बीएसए सभी प्रधानाध्यापकों को आगाह भी कर चुके हैं। सभी बीईओ को भी पत्र लिख इस संबंध में समीक्षा कर विद्यालय स्तर से उपभोग प्रमाण पत्र प्राप्त करने का भी निर्देश दिया है।


कोरोना काल में पिछले साल 24 से परिषदीय के मार्च से परिषदीय विद्यालय बच्चों के लिए बंद है। इस दौरान विद्यालय में बच्चों को दिए जाने वाले एमडीएम के खाद्यान्न का बच्चों में वितरण कराने का शासन ने निर्देश दिया था कन्वर्जन कास्ट की धनराशि छात्रों या उनके अभिभावकों के खाते में भेजने का आदेश जारी हुआ था। सभी विद्यालय पर खाद्यान्न वितरण के लिए प्राधिकार पत्र भी विभाग की तरफ से मुहैया कराया गया था।


दस छात्रों के परिजनों से करेंगे सुरक्षा भत्ता का सत्यापन

बीएसए ने बताया कि खाद्य सुरक्षा भत्ता के सत्यापन के लिए डायट प्राचार्य रविन्द्र सिंह, | बीएसए ओम प्रकाश यादव के अलावा सभी बीईओ, सभी जिला समन्वयक, परियोजना अधिकारी, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को | जिम्मेदारी सौंपी गई है। दस फरवरी तक | रिपोर्ट देनी है। यह सभी अफसर अपने आवंटित ब्लाक में दस-दस छात्रों के परिजनों से सम्पर्क करेंगे।


शासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा भत्ता का सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए अफसरों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। सत्यापन में यह पता लगाया जाएगा कि खाद्य सुरक्षा भत्ता छात्रों तक पहुंचा है कि नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

-ओम प्रकाश यादव, बीएसए