सोशल मीडिया पर दूसरों को जिंदगी की सीख देने वाली शिक्षिका का शव फंदे पर लटका मिला

मुरादाबाद। सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के आकाश ग्रीन अपार्टमेंट के फ्लैट में एक शिक्षिका का शव फंदे पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट फिलहाल नहीं मिला है। शिक्षिका ने अपने फेसबुक एकाउंट पर कई वीडियो अपलोड किए थे जिसमें वह दूसरों को अच्छी जिंदगी जीने और दूसरीकी मदद के लिए प्रेरित करती दिख रही हैं।


एएसपी अनिल यादव ने बताया कि सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नवीन नगर निवासी सुनील भारद्वाज की बेटी शुचि भारद्वाज ने आठ साल पहले लखनऊ निवासी दवा कंपनी के एमआर देवेश श्रीवास्तव से साथ लव मैरिज की थी। शुचि की एक बेटी है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कोर्ट मैरिज ज्यादा समय चल नहीं सकी। मनमुटाव के कारण दोनों में तलाक हो गया था। इसके बाद शुचि अपनी बेटी के साथ मुरादाबाद आ गई थी। यहां वह एक निजी स्कूल में पढ़ाने लगी थी। शुचि अक्सर फेसबुक पर वीडियो शेयर करती थीं। जिसमें वह दूसरों को जिंदगी की सीख देती थीं। लॉक डाउन के दौरान वह अपने मां बाप के साथ रहने लगी थी। इसके अलावा उन्होंने आकाश ग्रीन अपार्टमेंट में एक फ्लैट किराए पर ले लिया था। जिसमें वह अपने बेटी के साथ रहती थी। एएसपी ने बताया कि शिक्षिका के भाई के मुताबिक शनिवार को उसने अपनी बहन को कई बार कॉल की थीं, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई थी। जिसके बाद भाई दोपहर करीब डेढ़ बजे बहन को देखने के लिए फ्लैट में आ गया।

बाहर से कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद भाई ने जब बगल के फ्लैट से बहन के फ्लैट में झांक कर देखा तो उसके होश उड़ गए। भाई ने पुलिस को बताया कि बहन की लाश फंदे पर लटकी हुई थी। एएसपी सिविल लाइंस अनिल कुमार यादव ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहे थे, लेकिन उन्हें समझाकर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है।

जांच के दौरान कमरे में मिली नींद की गोलियां
मुरादाबाद। पुलिस ने फोरेंसिक टीम भी मौके पर बुला ली थी। फोरेेंसिक टीम से जांच के दौरान कमरे में नींद गोलियां मिली हैं। जिन्हें टीम ने कब्जे में ले लिया।

समाज सेवा और गरीब बच्चों को पढ़ाती थीं शुचि
मुरादाबाद। शुचि के फेसबुक एकाउंट से पता चलता है कि उन्हें समाज सेवा और गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाने में रुचि थी। लॉक डाउन में उन्होंने ऐसे बच्चों को पढ़ाया जिनकी पढ़ाई छूट गई थी। उनके फेसबुक एकाउंट में कई और वीडियो मिले हैं।