एप्पल आईपैड को लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी बोले- सपा के नेताओं की चिंता स्वाभाविक

योगी आदित्यनाथ सरकार उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र पेपरलेस कराने की तैयारी में लगी है। इसके लिए सभी पार्टी के विधायक तथा विधान परिषद सदस्यों को एप्पल के आईपैड देने की तैयारी चल रही है। सभी को अपने वित्तीय स्रोतों से आईपैड खरीदने का अनुरोध करने के साथ प्रतिपूर्ति की भी जानकारी देने के बीच समाजवादी पार्टी से विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह साजन तथा बेसिक शिक्षा विभाग के मंत्री सतीश द्विवेदी के बीच शब्दों के बाण चले हैं।


समाजवादी पार्टी से एमएलसी सुनील सिंह साजन को संशय है कि विधान सभा तथा विधान परिषद के बहुत सारे सदस्य शायद ही आईपैड संचालित कर सकें। साजन ने कहा कि सरकार भले ही इस बार पेपरलेस बजट सत्र की तैयारी कर रही है, लेकिन कई सदस्य शायद आईपैड ना चला पाएं। उनकी कोई ट्रेनिंग ही नहीं पो पाई है। उन्होंने कहा कि पेपरलेस बजट लाइये, विकास लेस बजट नहीं। आखरी बजट में तो कुछ दे दीजिए। युवाओं से वादा किया था लैपटॉप व आईपैड देने का। आप तो नेताओं में बांट रहे हैं।

विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह साजन के बयान पर बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने हमला बोला। पेपरलेस बजट सत्र पर सतीश द्विवेदी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं की चिंता स्वाभाविक है। उनके आईपैड संचालित न कर पाने की चिंता को बेहद स्वाभाविक है। इनमें से तो अधिकांश नकल नकल करके पास हुए हैं। इनके कुछ ही के नेता डिजिटल माध्यम से वाकिफ हैं।

विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह ने परिषद के सभी सदस्यों को 18 फरवरी से शुरू होने वाले विधानमंडल के बजट सत्र से पहले अपने वित्तीय स्रोतों से 50000 रुपया की सीमा तक एक एप्पल आईपैड खरीदने के लिए पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि आईपैड खरीदने के बाद बिल प्रस्तुत करने पर सरकार इसकी प्रतिपूॢत करेगी। नरेंद्र मोदी सरकार के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार बजट 2021-22 को पेपर लेस बनाने की पूरी तैयारी कर चुकी है।

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ सरकार अपने कैबिनेट बैठक को पेपर लेस बनाने की पूरी तैयारी हो तक चुकी है। इस योजना को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने दो फरवरी को विधान मंडल सत्र से पहले सभी विधायकों को टैबलेट उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही साथ विधायकों के लिए ट्रेनिंग सेशन भी आयोजित कराने की बात कही थी।