CTET 2020 का पेपर आउट कर पांचों आरोपियों ने अभ्यर्थियों के अलावा बाहरियों को भी बेचा पेपर

 सीटेट परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट करने के मामले में लोहामंडी पुलिस ने बुधवार को कोचिंग संचालक विकास शर्मा सहित पांच लोगों को जेल भेज दिया। पांचों आरोपियों के मोबाइल जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि विकास, प्रभात, मोहित, कुलदीप और थान सिंह ने कमाई के चक्कर में पेपर व्हाट्स ग्रुप पर वायरल कराया था। इस ग्रुप में शामिल परीक्षार्थियों के अलावा उन्होंने बाहर के लोगों से भी पेपर का सौदा किया था।  


जेल जाने से पहले पुलिस की कड़ी पूछताछ में मास्टर माइंड एपेक्स कैरियर क्लासेज के संचालक विकास शर्मा ने बताया कि कोचिंग के शिक्षक प्रभात शर्मा के पास पेपर कुलदीप फौजदार ने भेजा था। प्रभात ने उसे दिया। उसने कोचिंग के व्हाट्स ग्रुप पर वायरल कर दिया। परीक्षा के बाद पता चला कि जो पेपर कुलदीप फौजदार ने दिया था वह असली था। वही पेपर आने पर व्हाट्स ग्रुप में शामिल विद्यार्थियों से पैसे की मांग करने लगे। पुलिस का कहना है कि पेपर वायरल करने के पीछे कई मकसद छिपे हुए थे। कोचिंग का रिजल्ट अच्छा जाए और जल्दी पैसा कमाने की चाह विकास शर्मा को ले डूबी। कोचिंग के सभी बच्चे सीटेट में पास हो जाते तो कोचिंग हिट हो जाती। विद्यार्थी उसी में प्रवेश लेते। कोचिंग संचालक रिजल्ट के बाद होर्डिंग लगवाते हैं।


कुलदीप, थान सिंह और मोहित ने दिया था पेपर
पुलिस ने बताया कि कुलदीप, थान सिंह और मोहित तीनों ने सीटेट का पेपर दिया था। तीनों परीक्षा में पास भी हो गए तो कभी सरकारी शिक्षक नहीं बन पाएंगे। यह मुकदमा मरते दम तक उनका पीछा नहीं छोड़ेगा। उनका कभी चरित्र प्रमाण पत्र नहीं बनेगा। कोई सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। ठेकेदारी भी नहीं कर पाएंगे। उसके लिए भी चरित्र प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। शस्त्र लाइसेंस नहीं बनेगा। पासपोर्ट नहीं बनेगा। तीनों के लालच के कारण ही बात बाहर आई। तीनों धंधे में नहीं लगते तो यह पता लगना मुश्किल हो जाता कि पेपर आउट हुआ था। पुलिस ने बताया कि लिखापढ़ी में कोई हेरफेर नहीं की गई है। किसे कहां से पेपर मिला। किसके पास किसने कितने बजे पेपर भेजा इसके इलेक्ट्रानिक्स साक्ष्य मौजूद हैं। विकास शर्मा ने अपने मोबाइल का डाटा डिलीट कर दिया था। वह फोरेंसिक लेब में रिकवर हो जाएगा।