जिले में पहुंची एनसीईआरटी की 1.24 लाख किताबों की पहली खेप, अभी तक इन स्कूलों में एससीईआरटी की किताबें पढ़ रहे थे बच्चे


प्रतापगढ़। जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब एनसीईआरटी की की किताबें पढ़ने के लिए मिलेंगी। बच्चों को अब पढ़ाई बोझ नहीं लगेगी, बल्कि खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी। अभी तक इन स्कूलों में एससीईआरटी की किताबें बच्चे पढ़ रहे थे।


बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के पैटर्न की किताबें कई दशकों से बच्चों को पढ़ाई जा रही थीं। विभाग का मानना है कि प्रतिस्पर्धा के दौर में इससे बेहतर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं पीछे रह जाते थे। ज्यादातर प्रतियोगी परीक्षाओं में एनसीईआरटी पैर्टन पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं । शिक्षा सत्र 2020-21 में सत्र शुरू होते ही कोरोना का संक्रमण फैलने के कारण इस पर काम नहीं हो सका। हालांकि इस बार शासन स्तर से इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शासन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को एनसीईआरटी की किताबों की पहली खेप उपलब्ध करा दी गई है। इसमें कक्षा एक से तीन तक की रिमझिम, मेरी गोल्ड सहित अन्य किताबें शामिल हैं। जिले में 1.24 लाख पुस्तकें आ चुकी हैं। बच्चों को अब मात्रा और पाई रटना नहीं होगा, बल्कि कविता और गीत के माध्यम से वह लिखना-पढ़ना सीखेंगे । बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि किताबों का सत्यापन कराया जा रहा है । इसके बाद स्कूलों में किताबें भेजी जाएंगी। एक अप्रैल से प्रारंभ होने वाले शिक्षा सत्र में बच्चों को यह पुस्तकें वितरित की जाएंगी।