सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर शिक्षामित्रों ने अपना दर्द बयां किया


अलीगंज। सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर शिक्षामित्र संघ के उपाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार पर शिक्षामित्रों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए शिक्षामित्रों का दर्द बंया किया। उन्होंने कहा भारतीय जनता पार्टी ने समायोजन रद्द होने के पश्चात शिक्षामित्रों को अपने संकल्प पत्र में शामिल करके समस्याओं के निदान हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष गृहमंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 172000 शिक्षा मित्रों की समस्या को हल करने का वचन सरकार बनने के 3 माह के अंदर दिया था परंतु आज 4 वर्ष पूरे होने के बाद एक तरफ जहां प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में अपने कार्यो का गुणगान कर रही है। वही उत्तर प्रदेश का शिक्षा मित्र अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।



समाजवादी पार्टी सरकार में उत्तर प्रदेश के शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाया गया था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया। सहायक अध्यापक के तौर पर शिक्षामित्र लगभग 40000 प्रतिमाह वेतन ले रहे थे वही इस महंगाई के दौर में अब शिक्षा मित्रों को सिर्फ 10000 से ही गुजारा करना पड़ रहा है, शिक्षामित्रों की हालत बेहद नाजुक है।

इस अवसाद से ग्रसित होकर प्रदेश के लगभग 4000 शिक्षामित्र दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। प्रदेश सरकार के संवेदनहीन रवैया से शिक्षामित्र बहुत ही कुठित जीवन रहे हैं। 10000 प्रति माह मिलने वाले मानदेय से घर का चूल्हा भी नहीं चल सकता। शिक्षामित्रों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते उनका मान सम्मान ना दिलाया गया तो शिक्षामित्र अपने आत्मसम्मान और स्वाभिमान के लिए कुछ भी करेगा ।