आयोग की भर्ती परीक्षाओं में अब तेज होगी सीबीआइ जांच, केंद्रीय सतर्कता आयोग ने जांच जल्द पूरी करने का दिया निर्देश: उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की 598 भर्ती व परिणामों चल रही जांच

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआइ की सुस्त चाल को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने सीबीआइ को जल्द जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। एक महीने के अंदर सीबीआइ को उसके अनुरूप कार्रवाई करनी होगी। आयोग के निर्देश पर भर्ती परीक्षाओं की गड़बड़ी जल्द सामने आ सकती है।


योगी सरकार ने 20 जुलाई, 2017 को उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की 2012 से 2016 तक की समस्त भर्ती परीक्षाओं व परिणामों की जांच सीबीआइ से कराने की घोषणा की थी। केंद्र सरकार ने 21 नवंबर, 2017 को इसकी अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत सीबीआइ को लगभग 598 भर्ती परीक्षाओं व परिणामों की जांच करनी है। इसमें करीब 40 हजार चयनित प्रभावित हो रहे हैं। सीबीआइ ने पांच मई, 2018 को पीसीएस 2015 परीक्षा को लेकर अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी। इसी क्रम में फरवरी 2019 में एपीएस-2010 और जुलाई 2020 में आरओ-एआरओ-2013, लोवर-2013 व उत्तर प्रदेश प्रांतीय न्यायिक सेवा-2014, मेडिकल अफसर परीक्षा-2014 में प्राथमिक जांच (पीई) शुरू की गई। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय ने इसे लेकर 21 दिसंबर, 2020 को प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर सीबीआइ की सुस्त कार्यप्रणाली की शिकायत की थी। इसकी प्रतिलिपि केंद्रीय सतर्कता आयोग, सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रलय को भी भेजी गई थी। इसके बाद आयोग ने सीबीआइ की जांच तेज करने का निर्देश दिया है। अवनीश ने सचिवालय में रोकी गई फाइलों को अविलंब सीबीआइ को सौंपने की मांग की है।