राष्ट्रीय क्षितिज पर कन्नौज के प्राथमिक विद्यालय के नवाचार का ‘कलरव’

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली (एनसीईआरटी) ने प्राथमिक विद्यालय की कक्षा एक की हिंदी की पुस्तक ‘कलरव’ में कन्नौज के एक स्कूल के शैक्षिक नवाचार को स्थान दिया है। गीली मिट्टी से विभिन्न कलाकृतियों से अक्षर और चित्र बनाकर बच्चों को वर्णमाला का ज्ञान देने की यह पद्धति परिषद को खूब भायी। पाठ्य पुस्तक में जिले को स्थान मिलना बड़ी उपलब्धि है।


बुनियादी शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए शैक्षिक नवाचारों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाता है। इसमें देश भर के शैक्षिक नवाचारों को पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) राहुल द्विवेदी ने बताया कि छिबरामऊ ब्लॉक के अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालय कल्यानपुर में गीली मिट्टी से आकृतियों के माध्यम से वर्णमाला के अक्षर तथा विभिन्न कलाकृतियों के माध्यम से सीखने की पद्धति विकसित की गई, बच्चों के लिए यह ज्यादा सहज थी।

इसे पीपीटी कार्यशाला में प्रदर्शित किया गया था, जिसे राज्य हिंदी संस्थान वाराणसी ने चयनित कर एनसीईआरटी नई दिल्ली को भेज दिया। प्रधानाध्यापक पूजा पांडेय ने बताया कि पिछले माह हुई एनसीईआरटी की पीपीटी कार्यशाला में जानकारी दी गई कि परिषदीय विद्यालयों की कक्षा एक की हिंदी की पुस्तक ‘कलरव’ में गीली मिट्टी को कलाकृतियों व अक्षर बनाने के नवाचार को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

एनसीईआरटी द्वारा प्राथमिक विद्यालय कल्यानपुर के शैक्षिक नवाचार को कक्षा एक की हिंदी की पाठ्यपुस्तक ‘कलरव’ में शामिल किया गया है। कन्नौज के लिए यह गौरव की बात है। इससे पूरे प्रदेश के बच्चों को प्रेरणा मिलेगी।

केके ओझा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी