शिक्षक के अभाव में दम तोड़ रही है सरकार की ये योजना, महंगी कोचिंग लेने को मजबूर हुए छात्र

एक तरफ सरकार कौशल विकास और रोजगार के लिए सरकार नई योजनाएं चला रही हैं। दूसरी ओर जिले में सेवायोजन विभाग का प्रशिक्षण केंद्र शिक्षक के अभाव में दम तोड़ रहा है। पिछले दो वर्ष से शिक्षक की तैनाती नहीं होने से प्रशिक्षण केंद्र बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। प्रशिक्षण केंद्र में एससी-एसटी व अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए निशुल्क प्रशिक्षण की सुविधा है। 


सेवासयोजन विभाग में एस-एसटी व अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए निशुल्क कोचिंग व कंप्यूटर प्रशिक्षण की निशुल्क सुविधा है। आरडीसी स्थित विभाग के कार्यालय में ही प्रथम तल पर केंद्र चलता है। लंबे समय से केंद्र पर टंकण और कंप्यूटर का प्रशिक्षण भी दिया जाता रहा है। टंकण में एक वर्ष का डिप्लोमा दिया जाता है। साथ ही समूह ग स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कराई जाती है। केंद्र पर पिछले दो वर्ष से शिक्षक तैनात नहीं होने से युवाओं ने भी आना बंद कर दिया है। विभाग ने भी इस वर्ष आवेदन नहीं मांगे हैं। विभाग से जुड़े लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष कुछ लोगों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन प्रशिक्षण की उचित व्यवस्था नहीं होने से उन्होंने भी आना बंद कर दिया है। 

दो वर्ष से नहीं हुई तैनाती
शिक्षण केंद्र में दो वर्ष पहले तक एक शिक्षिका तैनात थी। उनकी सेवानिवृत्त होने के बाद किसी की तैनाती नहीं हुई। इसके बाद से केंद्र की व्यवस्था भी बिगड़ गई। जहां पहले काफी बड़ी तादाद में युवा प्रशिक्षण के लिए आवेदन करते थे। साक्षात्कार के बाद युवाओं का चयन किया जाता था। इस वर्ष विभाग ने शिक्षक नहीं होने से आवेदन भी नहीं मांगे। 

प्रतियोगी परीक्षाओं की भी होती है तैयारी
केंद्र पर टंकण व कंप्यूटर के अलावा समूह ग की परीक्षाओं की भी तैयारी होती है। यह सुविधा एससी-एसटी व ओबीसी के 18 से 35 वर्ष के युवाओं के लिए निशुल्क है। साक्षात्कार के माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है। अब वह बाहर मंहगीं फीस अदा कर कोचिंग ले रहे हैं।

जिला सेवायोजन अधिकारी एसके सिंह ने कहा, 'प्रशिक्षक की तैनाती नहीं होने से प्रशिक्षण केंद्र बंद चल रहा है। निदेशालय से प्रशिक्षक की तैनात होने के बाद आवेदन पत्र निकाल कर केंद्र को शुरु किया जाएगा।'