प्री प्राइमरी:- टीईटी की अनिवार्यता और न्यूनतम योग्यता के संदर्भ में


RTE act 2009 chapter IV clause 23

साफ कहा है कि minimum qualifications के लिए केंद्र सरकार के द्वारा निर्धारित parental body NCTE शिक्षकों की न्यूनतम अहर्ताओं को निर्धारित करेगी , जिसको लेकर 11 feb 2011 को लेटर भी जारी हुआ था जो कि समस्त राज्यों के secretaries के लिए था । जिसमें TET की अनिवार्यता थी ।


अब बात करते हैं आगे की ~
Article 42 में Education को संवैधानिक संशोधन 1976 के तहत concurrent list में डाल दिया था जिसके तहत article 254 prevail करेगा तो केंद्र सरकार के कानून प्रभावी होंगे और स्टेट की जो power है अनुच्छेद 162 में वो केवल state list के matters के लिए है ।
तो अगर इन्हें ये कदम उठाना है तो parliament से law बनवाना होगा state कुछ अपने आप नहीं कर सकता है ।

जैसे for eg -
Transfer matter में कब से कह रहा हूँ कि state की policy को चैलेंज कीजिये आप KV का matter दिखाकर state list के matter को चैलेंज नहीं कर सकते हैं आपको ये दिखाना होगा कि ये ट्रांसफर policy हमारे लिए discriminatory है ।

एक और eg -
Tribunal जो बन रहा है उसमें आपके fundamental rights का violation है तो उसके behalf पर आप उसको भी चुनौती दे सकते हैं ।

बाकी अभी आने दीजिये फिर देखते हैं क्या कहना चाह रहे हैं ये और करना क्या है इनको ?

नई शिक्षा नीति में कुछ भी हो लेकिन इन्हें संवैधानिक संशोधन करना होगा इस कदम हेतु

#rana