शिक्षकों को अब स्कूलों से गायब रहना भारी पड़ेगा, उपस्थिति मॉड्यूल में बेसिक शिक्षा विभाग ने संशोधन किया


अब सरकारी प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को स्कूल के समय में गायब रहना भारी पड़ेगा। यदि निरीक्षण हुआ और वे अनुपस्थित पाए गए तो उनपर अनिवार्य रूप से कार्रवाई होगी। मिशन प्रेरणा के निरीक्षण ऐप में शिक्षकों की उपस्थिति मॉड्यूल में बेसिक शिक्षा विभाग ने संशोधन कर दिया है।


निरीक्षण के समय अधिकारियों को रियल टाइम डाटा भरना पड़ेगा कि कितने शिक्षक उपस्थित हैं। प्रदेश में पांच लाख से ज्यादा शिक्षक हैं।

मानव संपदा से लिंक हुआ लीव मॉड्यूल : अभी तक ऑनलाइन मॉडयूल में लीव रिफरेंस मॉड्यूल नहीं था। इसमॉड्यूल कोमानव संपदा पोर्टल से लिंक करदिया गया है। अब शिक्षक के छुट्टी पर होने की दशा में अधिकारी को एप पर यह भरना पड़ेगा कि मानव संपदा पोर्टल पर उस शिक्षक का अवकाश मंजूर हुआ है या नहीं? शिक्षकों का ईएचआरएमकोड और अवकाश संदर्भ संख्या भी एप पर भरनी पड़ेगी। सभी निरीक्षणों में उपस्थित व अनुपस्थित शिक्षकों का ब्यौरा बेसिक शिक्षा अधिकारियों के पास रोज पहुंचेगा और इस पर उन्हें अनिवार्य रूप से कार्रवाई करनी पड़ेगी।

 मुख्यमंत्री योगी तक जता चुके हैं
ऐतराज : बेसिक शिक्षा के स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति एक बड़ा मुद्दा रही है। मुख्यमंत्री तक मंच से कह चुके हैं कि प्रदेश में प्रॉक्सी शिक्षक एक बड़ी समस्या है।

राज्य सरकारने पिछले वर्ष ही मिशन प्रेरणा के तहत ऑनलाइन निरीक्षण लागू किया था लेकिन इसमें शिक्षकों की अनुपस्थिति इस तरह दर्ज की जाती थी कि 4 शिक्षक हैं, दो मौजूद हैं। बाद में इसे यह कहकर रद्द कर दिया जाता था कि शिक्षक की छुट्टी का आवेदन आ चुका है। इसमें कई तरह के खेल हो रहे थे।

23 जिलों में 80 फीसदी से भी कम उपस्थिति

पिछले महीने फरवरी के निरीक्षण की रिपोर्ट देखें तो केवल नौ जिले ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की उपस्थिति 90 फीसदी से ऊपर है। 43 जिले ऐसे हैं जहां उपस्थिति 80 से 90 फीसदी के बीच रही। 23 ऐसे जिले हैं जहां 80 फीसदी से कम शिक्षक मौजूद रहते हैं। सबसे दयनीय स्थितियां बदायूं, एटा, गोण्डा, हापुड़ की हैं जहां 66 से 68 फीसदी शिक्षक ही मौजूद मिले । ऑनलाइन मॉड्यूल से इस प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।


ये होगा फायदा
औचक निरीक्षण में शिक्षकों की अनुपस्थिति पर कार्रवाई स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में अहम कड़ी साबित होगी। वहीं स्कूल के समय में शिक्षक बीआरसी या मिड डे मील जैसे कामों का बहाना बनाकर अक्सर गायब हो जाते थे। जबकि आदेश के मुताबिक मिड डे मील या स्कूल बीआरसी से संबंधित काम उन्हें स्कूल के समय के बाद निपटाने होंगे।

हर महीने होते हैं निरीक्षण

बेसिक शिक्षा अधिकारी-20 स्कूल

जिला समन्वयक-20 स्कूल

जिला टॉस्क फोर्स-05 स्कूल

ब्लॉक टॉस्क फोर्स- 05 स्कूल

बीईओ- 40 स्कूल