यूपी बोर्ड में किताबों की आपूर्ति पर कोरोना संक्रमण का ग्रहण

प्रयागराज : यूपी बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक कॉलेजों में कोरोना संक्रमण की वजह से सिर्फ पढ़ाई ही प्रभावित नहीं हुई, बल्कि किताबों की आपूíत पर भी ग्रहण लगा है। इस वर्ष किताबों के लिए होना वाला नियमित टेंडर तय समय पर नहीं हो सका। बोर्ड प्रशासन का दावा है कि बाजार में किताबों की भरपूर उपलब्धता है इसलिए नए सत्र में पढ़ाई पर असर नहीं पड़ेगा। यह जरूर है कि जिन विषयों का पाठ्यक्रम बदला है उनकी किताबों का इंतजार रहेगा।


माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड का वैसे तो संबद्ध 27 हजार से अधिक कॉलेजों की पढ़ाई पर सीधा हस्तक्षेप नहीं होता है, वह सिर्फ पाठ्यक्रम तैयार कराता है और किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करता रहा है। कोरोना संक्रमण के दौरान जब लंबे समय तक कॉलेज नहीं खुले तो टेलीविजन व ऑनलाइन पढ़ाई कराई गई। पहली बार यूपी बोर्ड ने सीधे इसकी कमान संभाली। अगस्त में शैक्षिक पंचांग जारी करने के बाद ऑनलाइन पढ़ाई की देखरेख बोर्ड ने ही की। छात्रओं की सहूलियत के लिए 30 प्रशित पाठ्यक्रम कम करके वेबसाइट पर अपलोड किया गया। बोर्ड ने पिछले साल ही किताबों के लिए नया टेंडर जारी कराने को प्रस्ताव शासन को भेजा था, टेंडर नहीं किया गया। नए शैक्षिक सत्र से शुरू होने वाली पढ़ाई में किताबों की कमी नहीं रहेगी, लेकिन, अंग्रेजी व कॉमर्स की पढ़ाई शुरू होने पर संशय जरूर है, क्योंकि इन दोनों विषयों का पाठ्यक्रम बदल रहा है। बोर्ड ने अंग्रेजी विषय में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम कक्षा 9 व 11 में लागू कर दिया था लेकिन, नए सत्र से 10वीं व 12वीं में बदले पाठ्यक्रम आधारित किताबों की जरूरत होगी। कॉमर्स में कक्षा 11 में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू होना है। बोर्ड प्रशासन का दावा है कि इसका इंतजाम सत्र शुरू होने तक पूरा कर लिया जाएगा।

संबद्ध माध्यमिक कॉलेजों में पढ़ने वालों के लिए जनवरी में होता था प्रबंध, कोरोना के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई होने से किताबों की बिक्री ठप